राकेश टिकैत ने लगाए चोरी के आरोप
महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने धान, गन्ने, मंदिर, चंदे और वोट की चोरी का आरोप लगाया। टिकैत ने कहा कि इन मामलों में पकड़े जाने के बाद भी कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार पुलिस से लेकर जांच अधिकारी और न्याय व्यवस्था तक उन्हीं के नियंत्रण में हैं।
राकेश टिकैत के इन बयानों के जरिए किसान नेता ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके भाषण के दौरान किसानों की समस्याओं और सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी भी सामने आई।
किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा अधूरा: गौरव टिकैत
भाकियू युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खेती करने की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
गौरव टिकैत ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के वादे का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 तक आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है और किसान अब भी आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
महापंचायत में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। किसान नेताओं ने कहा कि खेती पर होने वाले खर्च और किसानों को मिलने वाले मूल्य के बीच संतुलन जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके।
अनुमति नहीं मिलने पर रातभर गेट पर बैठे किसान
महापंचायत में शामिल होने के लिए किसान गुरुवार से ही लखनऊ पहुंचने लगे थे। हालांकि, गन्ना संस्थान का गेट बंद होने और कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने की सूचना पर किसानों में नाराजगी बढ़ गई।
इसके बाद राकेश टिकैत के नेतृत्व में एक हजार से अधिक किसान रात में ही संस्थान के गेट पर धरने पर बैठ गए। किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं। किसानों की बढ़ती नाराजगी के बीच प्रशासन ने आखिरकार महापंचायत आयोजित करने की अनुमति दे दी।
महापंचायत में महिला किसानों की भी भागीदारी
लखनऊ में आयोजित इस महापंचायत में एक हजार से अधिक किसानों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इनमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी मौजूद रहीं। किसानों ने राकेश टिकैत का फूल बरसाकर स्वागत किया।
महापंचायत के माध्यम से किसान नेताओं ने गन्ने का मूल्य बढ़ाने, खेती की लागत के अनुरूप उपज का उचित दाम सुनिश्चित करने और किसानों की आर्थिक समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई।
किसान नेताओं का कहना है कि खेती की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के बीच किसानों को उनकी उपज का पर्याप्त मूल्य मिलना जरूरी है। गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर आयोजित इस महापंचायत में किसानों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से सामने रखा।








