इस सम्मेलन में पंचायती राज मंत्रालय के निदेशक विपुल उज्ज्वल और विजय कुमार ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) के सचिव अशोक के. के. मीणा ने की। यह बैठक ‘डिपार्टमेंटल समिट ऑन वाटर 2026’ के निष्कर्षों और उसमें तय की गई कार्ययोजना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
ग्राम पंचायतों की भूमिका मजबूत करने पर जोर
सम्मेलन के दौरान विपुल उज्ज्वल ने ग्रामीण जलापूर्ति सेवाओं को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायतों की भूमिका मजबूत करने का एक ढांचा प्रस्तुत किया। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि जलापूर्ति के लिए केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके नियमित संचालन और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था भी जरूरी है।
प्रस्तुत ढांचे में संचालन एवं रखरखाव (O&M) की योजना तैयार करने, जलापूर्ति सेवाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने और इन जरूरतों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में शामिल करने जैसे प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया।
इस दृष्टिकोण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर जलापूर्ति से जुड़ी जरूरतों की बेहतर पहचान करना और उपलब्ध संसाधनों का नियोजित तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना है।
ईग्रामस्वराज पोर्टल और जल जीवन मिशन के समन्वय पर चर्चा
सम्मेलन में पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC-MoPR) ने ईग्रामस्वराज पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। इसमें जल जीवन मिशन (JJM) और उससे जुड़े घटकों के साथ पोर्टल के एकीकरण को भी रेखांकित किया गया।
इस एकीकरण को ग्रामीण जलापूर्ति से संबंधित योजनाओं की बेहतर योजना बनाने और उनकी निगरानी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया। इसके माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर जलापूर्ति से जुड़ी गतिविधियों और विकास योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर ध्यान दिया गया।
जल सेवाओं के दीर्घकालिक संचालन पर फोकस
सम्मेलन में हुई चर्चा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रखते हुए उसके प्रभावी संचालन और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करना था। ग्राम पंचायतों की योजना निर्माण प्रक्रिया को मजबूत करने, सेवा संबंधी कमियों की पहचान करने और वित्तीय संसाधनों के नियोजित उपयोग जैसे विषय इसमें प्रमुख रहे।
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16वें वित्त आयोग के अनुदान, ग्राम पंचायत विकास योजनाओं और जल जीवन मिशन से जुड़े समन्वय पर यह चर्चा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।








