शहीद दिवस के अवसर पर गांधी मंडेला फाउंडेशन (GMF) द्वारा एक वैश्विक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दुनिया के विभिन्न देशों से जुड़े गांधी और मंडेला के विचारों को आगे बढ़ाने वाले अनुयायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांधी और मंडेला के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए गांधी मंडेला फाउंडेशन के महासचिव अधिवक्ता नंदन झा ने विश्वभर से जुड़े प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शहीद दिवस केवल स्मरण का नहीं, बल्कि गांधी के आदर्शों को आत्मसात करने का दिन है।

उन्होंने कहा, “गांधी और मंडेला के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे। जब दुनिया में हिंसा, युद्ध और टकराव बढ़ रहा है, तब सत्य, अहिंसा और स्वराज के सिद्धांत और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।”
गांधी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक
संजित कुमार, निदेशक – गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति ने शहीद दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि गांधी का आचरण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत था।
उन्होंने कहा, “गांधी का संदेश सरल था, लेकिन क्रांतिकारी। नफरत नफरत को खत्म नहीं कर सकती और हिंसा से हिंसा का अंत नहीं होता। केवल प्रेम और सत्य ही स्थायी समाधान हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि नेल्सन मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ संघर्ष के दौरान गांधी के अहिंसा के विचारों से प्रेरणा ली।
युवाओं के बीच हिंसा की सोच पर चिंता
पद्मश्री सम्मानित और GMF इंडोनेशिया के अध्यक्ष अगुस इंद्रा सर ने युवाओं के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “आज के समय में सोशल मीडिया पर हिंसा को अधिक आकर्षक बना दिया गया है, जबकि शांति की बात करने वाले कम सुने जाते हैं।
ऐसे समय में गांधी मंडेला फाउंडेशन का प्रयास शांति, मानवता और सेवा की भावना को जीवित रखना है।” उन्होंने यह भी कहा कि गांधी का मूल मंत्र सत्ता या स्वार्थ नहीं, बल्कि गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा है, जो आज हर देश के लिए जरूरी है।
विश्व के कई देशों से जुड़े प्रतिनिधियों ने रखे विचार
इस वैश्विक प्रार्थना सभा में
- डॉ. मैनुएल ग्रानाडोस कोवारुबियास, अध्यक्ष – GMF मेक्सिको
- स्टीफन मरे, अध्यक्ष – GMF लैटिन अमेरिका
- जोसे राउल वाकेरो पुलिडो, अध्यक्ष – GMF स्पेन
- पवन कुमार पटोदिया, निदेशक – GMF इंडिया
ने अपने विचार साझा किए और गांधी व मंडेला के सिद्धांतों को वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक भागीदारी
इस प्रार्थना सभा में एंजी हर्मोसिलो गार्ज़ा (जीएमएफ, मेक्सिको), जोसे राउल वाकेरो पुलिडो (अध्यक्ष, जीएमएफ स्पेन एवं वैश्विक परोपकारी व मानवाधिकार नेता), डॉ. मैनुएल ग्रानाडोस कोवारुबियास (अध्यक्ष, जीएमएफ मेक्सिको एवं संवैधानिक कानून विशेषज्ञ व पूर्व सरकारी कानूनी सलाहकार), स्टीफन मरे (अध्यक्ष, जीएमएफ लैटिन अमेरिका एवं वैश्विक शिक्षा व विकास नेता), सेलिया मैक्सवेल हेवुड (उपाध्यक्ष, जीएमएफ वेनेजुएला) सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
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शांति और मानवता का संदेश
प्रार्थना सभा का समापन महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि और विश्व शांति की कामना के साथ हुआ। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज के अशांत वैश्विक माहौल में गांधी के विचार ही मानवता को सही दिशा दिखा सकते हैं।









