Gold Silver Price Today: सप्ताह की शुरुआत कीमती धातुओं के बाजार के लिए दबाव भरी रही। घरेलू वायदा बाजार में सोमवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार के दौरान सोना हजार रुपये से अधिक कमजोर हुआ, जबकि चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने इस गिरावट को बढ़ावा दिया है।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के ताजा भाव
देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने की कीमतें प्रति 10 ग्राम लगभग 1.46 लाख रुपये से 1.48 लाख रुपये के बीच कारोबार करती नजर आईं। वहीं आभूषण निर्माण में सबसे अधिक उपयोग होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव भी नरम बने रहे और विभिन्न शहरों में इसकी कीमतें 1.34 लाख से 1.36 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहीं।
विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग राज्यों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय मांग के कारण कीमतों में कुछ अंतर देखने को मिल सकता है।
Silver Price Today: चांदी में भी भारी बिकवाली
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है। घरेलू वायदा बाजार में चांदी के दाम में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे प्रति किलो कीमतें नीचे आ गईं। देश के बड़े महानगरों में चांदी के रेट अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, लेकिन हालिया गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में अधिक देखने को मिलता है।
क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?
1. अमेरिकी डॉलर की मजबूती
कीमती धातुओं में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे उनकी मांग कमजोर पड़ती है।
2. ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को आशंका है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रह सकती हैं। ऐसे माहौल में निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों की बजाय बॉन्ड और अन्य वित्तीय साधनों की ओर रुख करते हैं।
3. वैश्विक बाजारों में बिकवाली
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव देखने को मिला। वैश्विक निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और जोखिम कम करने की रणनीति के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी आई।
क्या निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका है?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में आई गिरावट अवसर साबित हो सकती है। हालांकि अल्पकालिक निवेशकों को वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर इंडेक्स और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है या भू-राजनीतिक तनाव गहराते हैं, तो सोना फिर से सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूत वापसी कर सकता है।
ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए क्या मायने?
सोने की कीमतों में आई नरमी उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो शादी, त्योहार या निवेश के उद्देश्य से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार दर, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्किंग की जांच जरूर करें।
आगे कैसा रह सकता है बाजार?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के संकेतों और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी। यदि डॉलर मजबूत बना रहता है तो कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है, जबकि किसी भी वैश्विक अनिश्चितता की स्थिति में इनमें फिर से तेजी लौट सकती है।
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सोना और चांदी दोनों ही फिलहाल दबाव में हैं, लेकिन निवेशकों के लिए यह समय बाजार को करीब से समझने का है। कीमतों में गिरावट अल्पकालिक कमजोरी का संकेत हो सकती है, वहीं दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह अवसर भी बन सकती है। इसलिए निवेश से पहले बाजार के रुझान और विशेषज्ञ सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।







