HDB Financial Services IPO: देश की जानी-मानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी HDB Financial Services अपना बहुप्रतीक्षित IPO (Initial Public Offering) लेकर 25 जून 2025 को बाजार में कदम रखने जा रही है। निवेशक 27 जून तक इस आईपीओ में निवेश कर सकेंगे, जबकि एंकर निवेशकों को 24 जून से बोली लगाने का मौका मिलेगा। कंपनी ने इस पब्लिक इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹700 से ₹740 प्रति शेयर तय किया है।
12,500 करोड़ रुपये का होगा आईपीओ साइज
यह इश्यू इस साल अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है, जिसका कुल आकार ₹12,500 करोड़ है। इसमें से ₹2,500 करोड़ के फ्रेश इश्यू होंगे, जबकि ₹10,000 करोड़ के शेयर HDFC बैंक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेगा। गौरतलब है कि HDB फाइनेंशियल HDFC बैंक की 94.3% स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है।
IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल
कंपनी इस इश्यू से मिलने वाली पूंजी का उपयोग अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने में करेगी ताकि भविष्य में ऋण देने की क्षमता बढ़ाई जा सके। इसका उद्देश्य खुद को एक मजबूत NBFC के रूप में स्थापित करना है जो रिटेल और MSME सेक्टर में फाइनेंसिंग सेवाएं देता है।
लिस्टिंग क्यों है जरूरी?
HDB की शेयर बाजार में लिस्टिंग RBI के अक्टूबर 2022 के सर्कुलर के तहत अनिवार्य है। सर्कुलर के अनुसार, ‘अपर लेयर’ में शामिल NBFCs के लिए 2025 तक स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होना जरूरी है। HDB को भी इसी श्रेणी में रखा गया है, इसलिए यह IPO कंपनी की अनिवार्यता के तहत आ रहा है।
IPO शेड्यूल
- एंकर निवेशकों के लिए खुला: 24 जून 2025
- सार्वजनिक निवेश के लिए खुला: 25 जून 2025
- बोली लगाने की अंतिम तारीख: 27 जून 2025
- शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 30 जून 2025
- शेयर लिस्टिंग की संभावित तारीख: 2 जुलाई 2025 (NSE और BSE)

लॉट साइज और वैल्यूएशन
कंपनी ने एक लॉट में 20 शेयर रखे हैं। यानी निवेशकों को कम से कम 20 शेयर या उसके मल्टीपल में बोली लगानी होगी। अपर प्राइस बैंड पर HDB का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन लगभग 7.2 बिलियन डॉलर (लगभग ₹62,000 करोड़) आंका गया है, जबकि इसका टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹91,500 से ₹95,500 करोड़ के बीच होने की संभावना है।
IPO GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) अपडेट
HDB का IPO ग्रे मार्केट में ₹83 प्रति शेयर के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। हालांकि 18 जून को यह प्रीमियम ₹104.50 तक पहुंच गया था, जो निवेशकों के बीच इसकी मजबूत मांग को दर्शाता है। अगर यह रुझान जारी रहा तो लिस्टिंग के समय निवेशकों को अच्छी लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद की जा रही है।
IPO में आरक्षण (Reservation)
- 50% हिस्सा: योग्य संस्थागत निवेशकों (QIBs) के लिए
- 15% हिस्सा: गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) के लिए
- 35% हिस्सा: खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए आरक्षित रहेगा
कंपनी प्रोफाइल
HDB Financial Services, वर्ष 2007 में स्थापित, एक अग्रणी NBFC है जो पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, गोल्ड लोन जैसी सेवाएं प्रदान करती है। यह कंपनी पूरे भारत में व्यापक नेटवर्क के जरिए ग्राहकों को वित्तीय सेवाएं दे रही है और HDFC बैंक की एक मजबूत सब्सिडियरी के रूप में जानी जाती है।
यह भी पढ़ें: IND vs ENG: ‘तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी’ का हुआ अनावरण
यदि आप एक रिटेल निवेशक हैं और इस साल के किसी मजबूत और भरोसेमंद IPO की तलाश में हैं, तो HDB Financial Services का आईपीओ एक बेहतरीन मौका हो सकता है। कंपनी की मजबूत बैकिंग, स्पष्ट उद्देश्य और बाजार में अच्छा GMP इसे एक लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों निवेश के लिहाज से आकर्षक विकल्प बनाता है।







