IND vs ENG 1st Test: भारत बनाम इंग्लैंड 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच 20 जून यानी शुक्रवार को लीड्स के हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। टेस्ट मैच का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा और पहले टेस्ट की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर होगी। 20 जून को दोपहर 3 बजे टॉस होगा, प्रत्येक दिन मैच भारतीय समयनुसार मैच दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा।
इस आर्टिकल में आपको ये बताने जा रहे हैं कि, आखिर 5 दिवसीय क्रिकेट मैच को ‘टेस्ट मैच’ क्यों कहा जाता है? इन टेस्ट मैचों में एक क्रिकेटर की कौशल, सहनशक्ति, तकनीक और मानसिक दृढ़ता की सबसे बड़ी परीक्षा होती है।

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‘टेस्ट’ क्यों कहा जाता है?
कौशल और सहनशक्ति की परीक्षा
टेस्ट मैच पांच दिनों तक खेले जाते हैं, जिसमें हर टीम के दो इनिंग्स (पारी) होती हैं। एक बार बल्लेबाजी और एक बार गेंदबाजी। जिसमें..
- शारीरिक सहनशक्ति (लगातार कई दिनों तक खेलना)
- मानसिक मजबूती (लंबे समय तक ध्यान केंद्रित बनाए रखना)
- तकनीकी कौशल (पिच और मौसम की बदलती परिस्थितियों से निपटना)
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
‘टेस्ट’ शब्द का उपयोग पहली बार 19वीं सदी में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मुकाबलों के लिए किया गया था। इसका अर्थ था, ‘मैच दोनों देशों की श्रेष्ठता की एक परीक्षा’।
पहला आधिकारिक टेस्ट मैच 1877 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था।
ये है परंपरा
टेस्ट क्रिकेट को सबसे पुराना और प्रतिष्ठित प्रारूप माना जाता है। एकदिवसीय (ODI) और टी20 क्रिकेट की तुलना में टेस्ट क्रिकेट को किसी टीम की असली गुणवत्ता की परीक्षा के रूप में देखा जाता है, जो समय की कसौटी पर खरी उतरती है।
इसलिए, केवल मैच की अवधि ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की हर पहलू में परीक्षा लेने की क्षमता ही इसे ‘टेस्ट मैच’ बनाती है।









