भारत में युवाओं के बीच दिल के दौरे (हार्ट अटैक) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोविड-19 महामारी के बाद यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। मुंबई के एक अस्पताल ने बताया है कि पिछले दो महीनों में उनके आपातकालीन वार्ड में हार्ट अटैक के मामलों में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस बीमारी का असर 25 साल जैसे कम उम्र के युवाओं पर भी देखने को मिल रहा है।
डॉक्टर की राय
डॉ. रवि गुप्ता, कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट, वॉकहार्ट हॉस्पिटल, मुंबई सेंट्रल के अनुसार कई ऐसे कारण हैं जिनसे युवाओं में हार्ट अटैक की संभावना बढ़ रही है। कुछ कारणों में…
- डायबिटीज़
- निष्क्रिय जीवनशैली
- वायु प्रदूषण
- तनाव
- अत्यधिक वर्कआउट
- स्टेरॉयड का उपयोग
डॉ. गुप्ता कहते हैं कि भारतीयों में जेनेटिक रूप से दिल की बीमारी की संभावना अधिक होती है और जब वे पश्चिमी जीवनशैली (Western Lifestyle) को अपनाते हैं, तो खतरा और भी बढ़ जाता है।
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छाती में दर्द को न करें नज़रअंदाज
हाल ही में 28 वर्षीय अभिजीत कदम को छाती में दर्द और बाएं हाथ में फैलने वाले दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया। उन्हें Anterior Wall Myocardial Infarction हुआ था। जाच में पता चला कि उनकी मुख्य धमनी (LAD) पूरी तरह से बंद थी। क्लॉट हटाकर स्टेंट लगाया गया और अब वे स्वस्थ हैं।
हार्ट अटैक के 4 साइलेंट संकेत जिन्हें अक्सर अनदेखा किया जाता है,
- हल्का या रुक-रुक कर छाती में दर्द
- सांस फूलना या चक्कर
- उल्टी या मतली, बिना पाचन से जुड़ी वजह के
- बिना शारीरिक मेहनत के अचानक पसीना आना
भारत में हार्ट अटैक के मुख्य कारण
- अनहेल्दी डाइट: जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ, प्रोसेस्ड फूड
- शारीरिक गतिविधियों की कमी
- धूम्रपान और तंबाकू का सेवन
- तनाव और चिंता
- परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास
- डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर
- समय पर इलाज और हेल्थकेयर की कमी
दिल की बीमारियों से बचाव के उपाय
- संतुलित आहार लें
- वजन नियंत्रित रखें
- नियमित व्यायाम करें
- धूम्रपान और शराब छोड़ें
- तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान अपनाएं
- पर्याप्त नींद लें
- ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराते रहें
- समय-समय पर हार्ट चेकअप कराएं
निष्कर्ष:
युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को हल्के में न लें। हल्का दर्द भी चेतावनी हो सकता है। लाइफस्टाइल को सही रखें, नियमित जांच कराएं, और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। दिल की सुरक्षा आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।









