Himachal Panchayat Election 2026: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के पहले चरण के लिए मंगलवार को मतदान शुरू हो गया। राज्य की 1293 पंचायतों में मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम किए हैं।
प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। पहला चरण 27 मई को, दूसरा चरण 28 मई और तीसरा चरण 30 मई को आयोजित होगा। मतदान समाप्त होने के बाद पंचायत प्रधान, उपप्रधान और पंच पदों के परिणाम संबंधित चरण में ही घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि जिला परिषद (जिप) और पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) के नतीजे 31 मई को एक साथ जारी होंगे।
चुनाव ड्यूटी में 8 हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात
निर्वाचन आयोग के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 8,198 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रदेशभर में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
हिमाचल प्रदेश में कुल 3754 पंचायतों में चुनाव हो रहे हैं। इनमें पहले चरण में 1293 पंचायतें, दूसरे चरण में 1274 पंचायतें और तीसरे चरण में 1187 पंचायतें शामिल हैं।
21 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए
पंचायत चुनावों के लिए पूरे प्रदेश में 21,678 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 3554 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 1585 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहा है। वर्ष 2020 के पंचायत चुनावों में करीब 78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
50 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए कुल 50,79,048 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 25,67,770 पुरुष और 25,11,249 महिला मतदाता शामिल हैं।
पांवटा साहिब की भाटावाली पंचायत में सबसे अधिक 4623 मतदाता हैं, जबकि पूह क्षेत्र की सुमरा पंचायत में सबसे कम 178 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
सबसे ऊंचाई पर बना मतदान केंद्र
लाहौल-स्पीति जिले के काजा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लांगना कौमिक में राज्य का सबसे ऊंचाई पर स्थित मतदान केंद्र बनाया गया है। यह मतदान केंद्र समुद्र तल से करीब 4587 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां चुनाव कर्मियों और मतदान सामग्री को पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहा।









