दुनिया के प्रमुख कारोबारी घरानों में शामिल हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति गोपीचंद पी. हिंदुजा का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। परिवार से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया कि वे पिछले कुछ सप्ताह से बीमार चल रहे थे और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
उद्योग जगत में ‘जीपी हिंदुजा’ के नाम से प्रसिद्ध गोपीचंद हिंदुजा ने न केवल अपने परिवार की कारोबारी विरासत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि हिंदुजा ग्रुप को एक सशक्त वैश्विक साम्राज्य के रूप में स्थापित किया। उन्होंने अपने बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के साथ मिलकर समूह के कारोबार को ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, ऊर्जा, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर जैसे अनेक क्षेत्रों में विस्तार दिया।
2023 में बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के निधन के बाद उन्होंने समूह की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में हिंदुजा ग्रुप ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति और मजबूत की।
गोपीचंद हिंदुजा के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता हिंदुजा, बेटे संजय हिंदुजा और धीरज हिंदुजा, तथा बेटी रीता हिंदुजा हैं। धीरज हिंदुजा पहले से ही हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में समूह के कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
भारत से दुनिया तक फैली कारोबारी विरासत
1914 में स्थापित हिंदुजा ग्रुप की जड़ें भारत में हैं, जबकि इसका मुख्यालय लंदन में स्थित है। यह समूह आज 30 से अधिक देशों में कारोबार कर रहा है और इसकी अनुमानित संपत्ति 100 अरब डॉलर से अधिक आंकी जाती है।
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गोपीचंद हिंदुजा के निधन के बाद वैश्विक उद्योग जगत में शोक की लहर है। उन्हें एक दूरदर्शी कारोबारी नेता, परंपरा और आधुनिकता के संगम के प्रतीक तथा भारतीय उद्योग जगत के वैश्विक प्रतिनिधि के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।









