देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो लगातार तीसरे दिन गंभीर ऑपरेशनल बाधाओं का सामना कर रही है। पायलट और केबिन क्रू की भारी कमी के चलते बुधवार और गुरुवार को भी उड़ानों का शेड्यूल बुरी तरह बिगड़ा रहा। इसका असर देश के लगभग सभी प्रमुख हवाईअड्डों पर दिखाई दिया।
दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में उड़ानों की बड़ी संख्या रद्द
गुरुवार को अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से इंडिगो की 30 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। मुंबई में स्थिति और खराब रही, जहां 85 से ज्यादा उड़ानें नहीं उड़ सकीं। हैदराबाद में भी 33 फ्लाइट्स कैंसिल की गईं।
पिछले तीन दिनों में रद्द या प्रभावित उड़ानों की कुल संख्या 600 से भी अधिक पहुंच गई है, जिससे यात्रियों में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है।
क्रू की कमी और ड्यूटी रोस्टर में अव्यवस्था
एयरलाइन के पास पर्याप्त पायलट न होने और कई सदस्यों के एक साथ बीमार पड़ने से ड्यूटी शेड्यूल अस्त-व्यस्त हो गया। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के कारण शिफ्ट बदलना भी मुश्किल हो गया, जिससे उड़ान संचालन और बाधित हुआ।
काउंटर पर स्टाफ कम होने के कारण यात्रियों को री-बुकिंग और रिफंड की सुविधा के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने मजबूरी में अपनी यात्रा रद्द कर दी।
DGCA का सख्त कदम, कारण बताओ नोटिस जारी
लगातार उड़ानें रद्द होने के बाद विमानन नियामक DGCA ने इंडिगो से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि एयरलाइन यात्रियों को हुई परेशानी के लिए जिम्मेदार है और उसे नियमों के अनुसार मुआवजा देना होगा।
इंडिगो रोजाना लगभग 2,300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती है, ऐसे में संचालन बाधित होने का असर व्यापक रूप से सामने आया है।
एयरलाइन का दावा—5 दिसंबर तक हालात पटरी पर आ जाएंगे
इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि मौसम में बदलाव, तकनीकी दिक्कतें, सर्दियों में शेड्यूल री-अरेंजमेंट और एविएशन सिस्टम में स्लो नेटवर्क जैसी कई वजहों के कारण उड़ानों पर असर पड़ा है।
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कंपनी का कहना है कि यह स्थिति अचानक बनी और इसका पूर्व अनुमान लगाना संभव नहीं था। एयरलाइन ने आश्वासन दिया है कि 5 दिसंबर तक संचालन सामान्य हो जाएगा।









