अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोकने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में हुई बातचीत सकारात्मक रही है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।
बातचीत को मौका देने का फैसला
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन को निर्देश दिया है कि अगले कुछ दिनों तक ईरान के ऊर्जा ढांचे और पावर प्लांट्स को निशाना न बनाया जाए। उनका कहना है कि जारी कूटनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए यह जरूरी कदम है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय अस्थायी है और आगे की बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा। अगर वार्ता सफल रहती है तो तनाव कम हो सकता है, लेकिन असफल होने की स्थिति में रुख बदल सकता है।

पहले दी थी सख्त चेतावनी
इससे पहले ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर Strait of Hormuz को बिना शर्त नहीं खोला गया, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई करेगा और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरान का जवाब
अमेरिकी चेतावनी पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि उनका देश किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। खासतौर पर पश्चिम एशिया के हालात और ऊर्जा आपूर्ति पर इसके असर को लेकर कई देशों की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।
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फिलहाल, दोनों देशों के बीच जारी बातचीत से उम्मीद की जा रही है कि स्थिति में सुधार आएगा और टकराव टल सकता है।









