• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, September 19, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

दुनिया को एकजुट करने के लिए कैलाश सत्यार्थी ने छेड़ा एक नया वैश्विक आंदोलन

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने नई दिल्ली में आयोजित लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन कॉन्क्लेव में एक नई वैश्विक पहल 'सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन' (एसएमजीसी) का आगाज किया।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
14 March 2024
in दुनिया
0
दुनिया को एकजुट करने के लिए कैलाश सत्यार्थी ने छेड़ा एक नया वैश्विक आंदोलन

#image_title

Share on FacebookShare on Twitter
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने नई दिल्ली में आयोजित लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन कॉन्क्लेव में एक नई वैश्विक पहल ‘सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन’ (एसएमजीसी) का आगाज किया। नोबेल पुरस्कार विजेताओं और नेताओं, व्यवसायों, शिक्षाविदों, युवाओं और नागरिक समाज को साथ लेकर छेड़े गए करुणा के इस नए आंदोलन का उद्देश्य, टूटन और बिखराव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही दुनिया को एकजुट करके एक न्यायपूर्ण, समावेशी और पक्षपात रहित विश्व का निर्माण करना है।
एसएमजीसी की शुरुआत ऐसे वक्त में हुई है जब दुनिया कई बड़ी वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है। इस अवसर पर बोलते हुए, एसएमजीसी के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी ने कहा, “पिछले कई दशकों से, मैं करुणा के वैश्वीकरण की जरूरत पर बात करता रहा हूँ। आज एसएमजीसी के साथ हमने उस दिशा में आगे एक और कदम बढ़ा दिया है। मैं आप सभी से आह्वान करता हूँ कि आप अपने भीतर छुपी करुणा की उस चिंगारी को पहचानें और इस आंदोलन में शामिल हों। टूटन और बिखराव से त्रस्त हमारी इस दुनिया को करुणा ही एकजुट कर सकती है।”
उन्हें ऐसा क्यों लगता है कि विश्व को आज करुणा के एक आंदोलन की आवश्यकता है, के उत्तर में श्री सत्यार्थी ने कहा, “दुनिया आज जितनी समृद्ध और एक दूसरे से जितनी जुड़ी हुई है, उतनी पहले कभी नहीं रही। लेकिन इसके साथ ही बिखराव, युद्ध, गैर-बराबरी, नफरत, जलवायु संकट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संभावित खतरों जैसी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ती जा रही है। इसके सबसे बड़े शिकार हमेशा बच्चे ही होते हैं। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) पटरी से उतर गए हैं। अभूतपूर्व धन, संसाधन और ज्ञान के बावजूद, ये समस्याएँ क्यों बनी हुई हैं? संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएँ, विश्व की सरकारें और दुनिया के सबसे अमीर लोग, इसे एकजुट रखने में बुरी तरह असफल रहे हैं।”
यह भी पढ़ें: कांग्रेस में मोदी सरकार के मंत्री रहे बीरेंद्र सिंह के सांसद पुत्र हुए शामिल
श्री सत्यार्थी ने आगे कहा, “एसएमजीसी, करुणामय संवाद और करुणापूर्ण कार्यों के माध्यम से वैश्विक शासन विधि में सुधार चाहता है। यह एक ऐसे लोकतांत्रिक, समावेशी और गतिशील संस्थानों के निर्माण में मदद करेगा जिसके शीर्ष नेतृत्व का दृष्टिकोण करुणामय हो। हमने एशिया और अफ्रीका में जमीनी स्तर पर बाल-मित्र समुदायों का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। उस अनुभव का लाभ उठाते हुए एसएमजीसी ऐसे समुदायों का निर्माण करेगी जो समावेशिता, बराबरी और सामाजिक सुरक्षा हासिल करने में मददगार होंगे और इसमें युवाशक्ति केंद्रीय भूमिका में होगी।”
कैलाश सत्यार्थी ने एसएमजीसी का शुभारंभ लॉरिएट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन कॉन्क्लेव में नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं और दुनिया की अनेक जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति में किया। इनमें नोबेल शांति पुरस्कार विजेता जोडी विलियम्स, मोनाको के पूर्व प्रधानमंत्री सर्ज टेल, पद्म विभूषण डॉ. आर ए मशेलकर, भारतीय सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग, रॉबर्ट एफ कैनेडी ह्यूमन राइट्स की प्रेसिडेंट केरी कैनेडी, ब्राज़ील की सुपीरियर लेबर कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश लेलियो बेंटेस कोर्रा, और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी सहित कई क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल थे।
कैलाश सत्यार्थी ने सिविल सोसाइटी द्वारा छेड़े गए दुनिया के कुछ सबसे बड़े और सफल आंदोलनों का नेतृत्व किया है जिनमें बाल श्रम के खिलाफ 103 देशों में 80,000 किमी लंबा अभूतपूर्व ‘ग्लोबल मार्च’ और ‘ग्लोबल कैंपेन फॉर एजुकेशन’ प्रमुख हैं। ग्लोबल मार्च के परिणामस्वरूप आईएलओ ने सबसे खतरनाक रूप के बालश्रम पर प्रतिबंध लगाने वाला कन्वेंशन पारित किया जो दुनियाभर में सबसे तेजी से लागू हुआ प्रस्ताव है। उसी प्रकार शिक्षा को एक मानव अधिकार का दर्जा दिलाने में ग्लोबल कैंपेन फॉर एजुकेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बाल श्रम मुक्त कालीनों के लिए पहली टिकाऊ वैश्विक पहल ‘रगमार्क’ की स्थापना भी सत्यार्थी की अन्य अभूतपूर्व पहलों में शामिल है। बच्चों की आजादी और शिक्षा के लिए दुनियाभर में किए गए उनके प्रयासों के लिए, 2014 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
Tags: कैलाश सत्यार्थी
Previous Post

CAA Notification: केंद्र सरकार ने जारी किया नागरिकता संशोधन कानून का नोटिफिकेशन, संजय राउत ने बताया बीजेपी का आखिरी खेल

Next Post

भाजपा सांसद राहुल कस्वां को कांग्रेस अध्यक्ष ने दिलाई कांग्रेस की सदस्यता

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

BRICS Summit 2026: न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन सर्वसम्मति से मंजूर, पहलगाम आतंकी हमले की हुई कड़ी निंदा - Panchayati Times
दुनिया

BRICS Summit 2026: न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन सर्वसम्मति से मंजूर, पहलगाम आतंकी हमले की हुई कड़ी निंदा

12 September 2026
BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों की थाली में सत्तू से बाजरा तक, जानें दिल्ली के होटलों का खास डिनर मेन्यू - Panchayati Times
दुनिया

BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों की थाली में सत्तू से बाजरा तक, जानें दिल्ली के होटलों का खास डिनर मेन्यू

12 September 2026
BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों के लिए खास इंतजाम, थाली में दिखेगा भारत का स्वाद - Panchayati Times
दुनिया

BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों के लिए खास इंतजाम, थाली में दिखेगा भारत का स्वाद

11 September 2026
BRICS Summit 2026: जानें BRICS का इतिहास और इससे जुड़े तथ्य - Panchayati Times
दुनिया

BRICS Summit 2026: जानें BRICS का इतिहास और इससे जुड़े तथ्य

12 September 2026
इटली PM मेलोनी ने बनाया रिकॉर्ड, PM मोदी ने दी बधाई - Panchayati Times
दुनिया

इटली PM मेलोनी ने बनाया रिकॉर्ड, PM मोदी ने दी बधाई

4 September 2026
इस कारण नेपाल में आया प्रलयकारी बाढ़, 165 लोगों की मौत, 1000 से ज्यादा लापता - Panchayati Times
दुनिया

इस कारण नेपाल में आया प्रलयकारी बाढ़, 165 लोगों की मौत, 1000 से ज्यादा लापता

27 August 2026
Next Post
भाजपा सांसद राहुल कस्वां को कांग्रेस अध्यक्ष ने दिलाई कांग्रेस की सदस्यता

भाजपा सांसद राहुल कस्वां को कांग्रेस अध्यक्ष ने दिलाई कांग्रेस की सदस्यता

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (231)
  • खेल (584)
  • जुर्म (344)
  • दुनिया (356)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (140)
  • पंचायत (318)
  • बिज़नेस (294)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,813)
  • मनोरंजन (316)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,143)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (199)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

West Bengal Bypolls 2026: नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी TMC को झटका - Panchayati Times

West Bengal Bypolls 2026: नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी TMC को झटका 

19 September 2026
UP: पंचायत सहायकों के प्रदर्शन पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, मानदेय और नौकरी से जुड़ी मांगों पर दिया भरोसा - Panchayati Times

UP: पंचायत सहायकों के प्रदर्शन पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, मानदेय और नौकरी से जुड़ी मांगों पर दिया भरोसा

16 September 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved