केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों के करीब दो सप्ताह बाद आखिरकार यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार का गठन हो गया. कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
वीडी सतीशन के साथ कुल 20 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इस नई सरकार में कांग्रेस के सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को भी अहम प्रतिनिधित्व मिला है. IUML के पांच विधायकों ने मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है. मुस्लिम लीग केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी मानी जाती है और विधानसभा में उसके 22 विधायक हैं.
शपथ ग्रहण समारोह में जुटे कांग्रेस के दिग्गज नेता
नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. समारोह को कांग्रेस के लिए एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है.
नई सरकार में किन नेताओं को मिली जगह
वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली नई सरकार में कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को मंत्री बनाया गया है. इनमें पीके कुन्हालीकुट्टी, रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, सनी जोसेफ, मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, एपी अनिल कुमार और पीसी विष्णुनाथ जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा महिला प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखते हुए रोजी एम जॉन और बिंदु कृष्ण को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है.
10 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस
वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के 10 साल लंबे शासन का अंत हो गया है. इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व वाला UDF आखिरी बार दिवंगत नेता ओमन चांडी के नेतृत्व में सत्ता में आया था. इस बार के चुनाव में जनता ने कांग्रेस गठबंधन को स्पष्ट जनादेश दिया.
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में UDF ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीतकर राज्य में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.
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खरगे बोले- जनता ने एलडीएफ सरकार को नकारा
शपथ ग्रहण समारोह के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह केरल की जनता की ऐतिहासिक जीत है. उन्होंने कहा कि 10 वर्षों के बाद UDF की सत्ता में वापसी जनता के भरोसे और बदलाव की इच्छा को दिखाती है. खरगे ने कहा कि अब नई सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरे और बेहतर प्रशासन दे.









