• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Sunday, October 18, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

अग्निवीर योजना में हो सकता है बड़ा बदलाव, स्थायी भर्ती की सीमा बढ़ाने पर विचार

भारतीय थलसेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना की ओर से अग्निवीर योजना में बड़े बदलाव की मांग सामने आई है।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
6 July 2026
in भारत
0
अग्निवीर योजना में हो सकता है बड़ा बदलाव, स्थायी भर्ती की सीमा बढ़ाने पर विचार - Panchayati Times

अग्निवीर योजना

Share on FacebookShare on Twitter

भारतीय थलसेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना की ओर से अग्निवीर योजना में बड़े बदलाव की मांग सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तीनों सेनाएं अब चार साल की सेवा के बाद स्थायी भर्ती के लिए तय 25 प्रतिशत सीमा को बढ़ाने के पक्ष में हैं। इस प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय स्तर पर चर्चा चल रही है और आने वाले समय में इससे जुड़ा बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

क्या है अग्निवीर योजना?

अग्निपथ योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इस योजना के तहत 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं को सेना में चार साल के लिए भर्ती किया जाता है। भर्ती होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर’ कहा जाता है।

चार साल की सेवा पूरी होने के बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट, मेडिकल फिटनेस और सेना की जरूरतों के आधार पर स्थायी सेवा में शामिल किया जाता है। बाकी जवानों को सेवा निधि पैकेज देकर सेवा से मुक्त किया जाता है।

सरकार का उद्देश्य सेना की औसत आयु कम करना, आधुनिक तकनीक पर निवेश बढ़ाना और पेंशन खर्च को नियंत्रित करना था।

अब क्या बदलाव चाहती हैं तीनों सेनाएं?

मौजूदा नियमों के तहत स्थायी भर्ती की सीमा अधिकतम 25 प्रतिशत तय है, लेकिन अब तीनों सेनाएं इसे बढ़ाने की मांग कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक:

  • भारतीय नौसेना करीब 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी रखने के पक्ष में है।
  • भारतीय थलसेना और भारतीय वायुसेना लगभग 50 प्रतिशत तक रिटेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव दे रही हैं।

हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

सेनाएं सीमा बढ़ाने की मांग क्यों कर रही हैं?

1. तकनीकी ट्रेनिंग में ज्यादा समय

सेना का मानना है कि कई तकनीकी और आधुनिक सैन्य पदों पर जवानों को पूरी तरह प्रशिक्षित करने में चार साल से ज्यादा समय लगता है। खासकर नौसेना में कई सिस्टम इतने एडवांस हैं कि जवानों को ऑपरेशनल स्तर तक पहुंचने में कई साल लग जाते हैं।

2. नई तकनीक और आधुनिक हथियार

हाल के वर्षों में सेना ने कई आधुनिक हथियार और तकनीकी प्लेटफॉर्म शामिल किए हैं। इन सिस्टम्स को प्रभावी तरीके से चलाने के लिए अनुभवी और लंबे समय तक सेवा देने वाले जवानों की जरूरत महसूस की जा रही है।

3. ऑपरेशनल अनुभव का महत्व

सैन्य अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक ऑपरेशन और फील्ड अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। लगातार ट्रेनिंग और कई तैनातियों के बाद जवानों की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होती है।

4. जवानों की कमी की चुनौती

रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना में वर्तमान समय में बड़ी संख्या में जवानों की कमी बनी हुई है। ऐसे में अधिक प्रशिक्षित अग्निवीरों को लंबे समय तक सेवा में बनाए रखना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

अग्निवीरों और परिवारों के लिए भी हो सकते हैं नए फैसले

सरकार कुछ अतिरिक्त सुविधाओं पर भी विचार कर रही है। इनमें ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले अग्निवीरों के परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक सहायता और सेवा के दौरान घायल या विकलांग होने वाले जवानों को आजीवन चिकित्सा सुविधा देने जैसे प्रस्ताव शामिल बताए जा रहे हैं।

इन कदमों का उद्देश्य योजना को लेकर उठ रही चिंताओं को कम करना और जवानों के परिवारों को अधिक सुरक्षा प्रदान करना है।

बदलाव का क्या हो सकता है असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थायी भर्ती की सीमा बढ़ती है तो सेना को ज्यादा अनुभवी जवान मिल सकेंगे, जिससे ऑपरेशनल क्षमता मजबूत होगी।

दूसरी ओर, अधिक जवानों को स्थायी सेवा में रखने से सरकार पर भविष्य में पेंशन और वेतन का बोझ बढ़ सकता है। साथ ही नई भर्तियों में सीटों की संख्या भी प्रभावित हो सकती है।

हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक युद्ध और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए अनुभवी सैन्य बल बनाए रखना देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हो सकता है।

यह भी पढ़ें: बांकीपुर सीट पर महागठबंधन में बढ़ी खींचतान, RJD और कांग्रेस दोनों ने ठोका दावा

अब सभी की नजर रक्षा मंत्रालय के अंतिम फैसले पर टिकी है, क्योंकि यह बदलाव लाखों युवाओं और देश की सैन्य व्यवस्था दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।

Tags: अग्निवीर योजना
Previous Post

बांकीपुर सीट पर महागठबंधन में बढ़ी खींचतान, RJD और कांग्रेस दोनों ने ठोका दावा

Next Post

AICTE का बड़ा फैसला: देशभर के 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, 950 से ज्यादा कोर्स भी हुए बंद

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर हिंसा में प्रभावित लोगों के लिए बनाई हाई पावर कमेटी - Panchayati Times
भारत

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर हिंसा में प्रभावित लोगों के लिए बनाई हाई पावर कमेटी

17 October 2026
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को शर्तों के साथ जमानत - Panchayati Times
भारत

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को शर्तों के साथ जमानत

17 October 2026
लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर ने बताया तबीयत के बारे में - Panchayati Times
भारत

लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर ने बताया तबीयत के बारे में

17 October 2026
Cabinet Decisions: रेलवे कर्मचारियों को दिवाली बोनस, दिव्यांग पेंशन के नियम बदले; सरकार के 3 बड़े फैसले - Panchayati Times
भारत

Cabinet Decisions: रेलवे कर्मचारियों को दिवाली बोनस, दिव्यांग पेंशन के नियम बदले; सरकार के 3 बड़े फैसले

14 October 2026
Air India Flight: फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक... - Panchayati Times
भारत

Air India Flight: फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक… 

14 October 2026
राहुल गांधी का ऐलान- मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा हमारा मिशन - Panchayati Times
भारत

राहुल गांधी का ऐलान- मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा हमारा मिशन

13 October 2026
Next Post
AICTE का बड़ा फैसला: देशभर के 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, 950 से ज्यादा कोर्स भी हुए बंद - Panchayati Times

AICTE का बड़ा फैसला: देशभर के 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, 950 से ज्यादा कोर्स भी हुए बंद

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (236)
  • खेल (595)
  • जुर्म (346)
  • दुनिया (358)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (141)
  • पंचायत (329)
  • बिज़नेस (302)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,839)
  • मनोरंजन (319)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,157)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (205)
  • स्वास्थ्य (101)

Recent News

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर हिंसा में प्रभावित लोगों के लिए बनाई हाई पावर कमेटी - Panchayati Times

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर हिंसा में प्रभावित लोगों के लिए बनाई हाई पावर कमेटी

17 October 2026
FIDE World Cup 2027: भारत को ओपन और महिला विश्व कप में मिली जगह, शतरंज ओलंपियाड के प्रदर्शन के आधार पर तय हुए क्वालीफिकेशन स्पॉट - Panchayati Times

FIDE World Cup 2027: भारत को ओपन और महिला विश्व कप में मिली जगह, शतरंज ओलंपियाड के प्रदर्शन के आधार पर तय हुए क्वालीफिकेशन स्पॉट

17 October 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved