पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच सियासी माहौल और गरमा गया है। मुख्यमंत्री और टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
भवानीपुर सीट से उम्मीदवार ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और एजेंटों से अपील की कि वे मतगणना केंद्रों को किसी भी हाल में न छोड़ें। उन्होंने दावा किया कि विरोधी दलों द्वारा सुनियोजित तरीके से शुरुआती रुझानों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मतगणना प्रक्रिया बाधित की गई है और कुछ स्थानों पर मशीनों को लेकर भी गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने केंद्रीय बलों और प्रशासनिक एजेंसियों पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। उनके अनुसार, वास्तविक स्थिति को दबाकर अलग तस्वीर पेश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती रुझानों से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अभी कई चरणों की गिनती बाकी है और अंतिम परिणाम अलग हो सकते हैं। पार्टी समर्थकों से उन्होंने संयम बनाए रखने और अंत तक डटे रहने की अपील की।
रुझानों में भाजपा की बढ़त
इधर, ताजा रुझानों में भाजपा राज्य में मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा लगभग 180 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है।
वहीं टीएमसी करीब 90–100 सीटों तक सीमित दिख रही है। उत्तर और मध्य बंगाल के कई इलाकों में भाजपा को निर्णायक बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में मुकाबला अपेक्षाकृत कड़ा बना हुआ है।
बदलते राजनीतिक संकेत
अगर ये रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 2011 से सत्ता में रही टीएमसी के सामने यह अब तक की सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
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हालांकि अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं होगी, लेकिन मौजूदा रुझानों और आरोप-प्रत्यारोप ने राज्य की राजनीति को बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है।









