देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई दिशा के संकेत दिए हैं। कई राज्यों में सत्ता समीकरण बदले हैं, तो कहीं पुराने गढ़ मजबूत बने हुए हैं। आइए नजर डालते हैं इन राज्यों के नतीजों पर:
पश्चिम बंगाल: बड़ा उलटफेर
294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले रहे। पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पार किया है। लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि कांग्रेस और वाम दलों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और वे केवल दो सीटों तक सीमित रह गए।
तमिलनाडु: नई पार्टी का उदय
234 सीटों वाले तमिलनाडु में इस बार एक नई राजनीतिक ताकत उभरकर सामने आई है। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की और सबसे बड़ी पार्टी बन गई। वहीं द्रमुक 59 और अन्नाद्रमुक 47 सीटों तक सिमट गई, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
असम: एनडीए की मजबूत पकड़
126 सीटों वाले असम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार दूसरी बार प्रभावी प्रदर्शन किया है, जबकि कांग्रेस गठबंधन केवल 21 सीटों पर ही सिमट गया।
केरल: सत्ता परिवर्तन तय
140 सीटों वाले केरल में इस बार मुकाबला दिलचस्प रहा, लेकिन अंततः कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने बढ़त बना ली। यूडीएफ को 99 सीटों पर जीत मिली, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा 35 सीटों पर सिमट गया। इस परिणाम के साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।
पुडुचेरी: एनडीए का कब्जा
30 सीटों वाले पुडुचेरी में एनडीए ने सभी सीटों पर जीत दर्ज कर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। विपक्षी कांग्रेस गठबंधन बेहद कमजोर साबित हुआ और सीमित सीटों पर ही जीत हासिल कर पाया।
इन चुनाव नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की राजनीति तेजी से बदल रही है। कुछ राज्यों में नई ताकतें उभर रही हैं, तो कहीं राष्ट्रीय दल अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। आने वाले समय में इन परिणामों का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।









