पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के सहयोग से 8 और 9 जनवरी 2026 को पुणे स्थित यशवंतराव चव्हाण एकेडमी ऑफ डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन (यशदा) में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित कर रहा है। यह कार्यशाला महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायतों की प्रभावी और नवाचारी कार्यप्रणालियों को सामने लाने तथा ग्राम स्तर पर लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला का उद्घाटन पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी करेंगे। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ राजाराम डवाले, यशदा के महानिदेशक निरंजन कुमार सुधांशु, मंत्रालय के निदेशक विपुल उज्ज्वल तथा यूएनएफपीए इंडिया की कार्यक्रम एवं तकनीकी सहायता प्रमुख डॉ. दीपा प्रसाद भी उपस्थित रहेंगे।
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के 13 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों—आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना—से लगभग 240 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इनमें निर्वाचित जनप्रतिनिधि, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के अनुकूल ग्राम पंचायतों के सचिव, प्रखंड विकास अधिकारी, राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थानों के निदेशक तथा राज्य नोडल अधिकारी शामिल हैं।
कार्यशाला के दौरान शासन में महिलाओं की भागीदारी, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा और कौशल विकास, आर्थिक अवसरों तक पहुंच तथा महिलाओं की सुरक्षा जैसे पांच प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतें प्रस्तुतियों और पैनल चर्चाओं के माध्यम से अपने अनुभव, रणनीतियां और नवाचार साझा करेंगी। साथ ही प्रतिभागियों को प्रगति की निगरानी के लिए विकसित डैशबोर्ड संकेतकों और पोर्टल सुविधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायतों को अनुभवात्मक सीख के केंद्र के रूप में विकसित करना तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के बीच सफल मॉडलों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करना है।
महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायत पहल की शुरुआत पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 5 मार्च 2025 को की गई थी। इसका लक्ष्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक ऐसी ग्राम पंचायत विकसित करना है, जहां महिलाओं और बालिकाओं के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित हो। इस पहल के तहत राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों ने निर्धारित मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों का चयन किया है, जिनमें पंचायत उन्नति सूचकांक, सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण से जुड़े विषय, संबंधित विभागों से परामर्श तथा महिला विकास क्षेत्र में कार्यरत संगठनों के सुझाव शामिल हैं।
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अब तक 32 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में 744 ग्राम पंचायतों को महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है। इन पंचायतों की प्रगति पर नजर रखने के लिए मंत्रालय ने छह उप-विषयों और 35 संकेतकों वाला एक विशेष डैशबोर्ड भी विकसित किया है। इसके साथ ही, क्षमता निर्माण और मार्गदर्शन के लिए मास्टर प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है, ताकि यह पहल जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो सके।








