नवी मुंबई के नेरुल इलाके में स्थित सुश्रुषा अस्पताल में सोमवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। अस्पताल के बेसमेंट से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों को भी धुएं से घेर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
ICU के 4 मरीजों समेत सभी 21 मरीज सुरक्षित
घटना के समय अस्पताल में कुल 21 मरीज भर्ती थे, जिनमें से 4 मरीज आईसीयू में थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ऑक्सीजन एम्बुलेंस के जरिए ICU के मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। बाकी 17 मरीजों को अस्पताल की दूसरी ब्रांच में सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया। एक मरीज को विशेष रूप से वाशी के फोर्टिस अस्पताल भेजा गया।
आग पर एक घंटे में पाया गया काबू
फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रीजनल फायर ऑफिसर गजेन्द्र सुविष्कर के मुताबिक, “हमें आग की सूचना 11:58 बजे मिली और हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग बेसमेंट में लगी थी, जिसे नियंत्रित करने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया गया। सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ।”
पूरी तरह जल गया बेसमेंट
अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल का बेसमेंट पूरी तरह जल गया है। आग से निकलने वाला धुआं ऊपरी फ्लोर्स तक फैल गया, जिससे मरीजों को बाहर निकालना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। राहत की बात यह रही कि स्टाफ की सतर्कता और फायर ब्रिगेड की तत्परता के चलते समय रहते सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

आग लगने का कारण अब भी अज्ञात
अभी तक आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही फॉरेंसिक टीम भी बेसमेंट का निरीक्षण करेगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
फायर डिपार्टमेंट की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी
स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। नवी मुंबई नगर निगम ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी अस्पतालों को अग्निसुरक्षा उपायों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
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नेरुल के सुश्रुषा अस्पताल में लगी यह आग भले ही बड़ी अनहोनी में नहीं बदली, लेकिन यह घटना एक बार फिर शहर के अस्पतालों की अग्निसुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़े करती है। मरीजों की जान को खतरे में डालने वाली ऐसी घटनाओं से बचने के लिए समय-समय पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा और पालन बेहद जरूरी है।









