Vice president from BJP: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद से देश के अगले उपराष्ट्रपति की चर्चाएं तेज हो गई हैं। टॉप NDA सूत्रों के मुताबिक, भारत के अगले उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नेता ही बैठेगा। इस फैसले के साथ यह अटकलें भी खत्म हो गई हैं कि क्या एनडीए सहयोगी दलों में से किसी पर आम सहमति बन सकती है।
सूत्रों के अनुसार, उपराष्ट्रपति पद के लिए जिस व्यक्ति पर विचार किया जा रहा है, वह भाजपा की विचारधारा से गहराई से जुड़े हुए हैं और उन्हें संसदीय प्रक्रिया का व्यापक अनुभव भी है। चूंकि उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरे पांच साल का होता है, इसलिए इस पद के लिए कई पहलुओं को ध्यान में रखकर चयन किया जा रहा है।
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भाजपा का उद्देश्य ऐसा चेहरा चुनना है जो इस संवैधानिक पद की गरिमा को बनाए रख सके और साथ ही राज्यसभा में सरकार के विधायी एजेंडे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके, जहां उपराष्ट्रपति सभापति की भूमिका निभाते हैं।
JD(U) और अन्य दलों के नामों को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज करते हुए, एक शीर्ष स्रोत ने कहा, ‘JD(U) या किसी अन्य एनडीए घटक दल के नेताओं को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे निराधार हैं।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP), JD(U) समेत सभी सहयोगी दल भाजपा के रुख से पूरी तरह सहमत हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस पर अंतिम चर्चा और नाम को लेकर औपचारिकता पूरी की जाएगी।
यह कवायद उस समय शुरू हुई जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे देश की सियासत में हलचल मच गई। हालांकि उनके इस्तीफे की असली वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस घटनाक्रम ने एनडीए को मजबूर कर दिया कि वह जल्दी ही एक ऐसा चेहरा तय करे जो पार्टी के आगामी शासनकाल के विजन से पूरी तरह मेल खाता हो।









