• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, October 31, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

जेएनयू में अब ‘कुलपति’ नहीं, ‘कुलगुरु’ कहलाएंगे विश्वविद्यालय प्रमुख  

भारत के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अहम बदलाव का फैसला लिया है। अब विश्वविद्यालय के प्रमुख को ‘कुलपति’ नहीं बल्कि ‘कुलगुरु’ के नाम से जाना जाएगा।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
3 June 2025
in भारत, शिक्षा / जॉब
0
जेएनयू में अब ‘कुलपति’ नहीं, ‘कुलगुरु’ कहलाएंगे विश्वविद्यालय प्रमुख - Panchayati Times

JNU

Share on FacebookShare on Twitter

भारत के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अहम बदलाव का फैसला लिया है। अब विश्वविद्यालय के प्रमुख को ‘कुलपति’ नहीं बल्कि ‘कुलगुरु’ के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय केवल शब्दों के बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी है एक समावेशी सोच और भारतीय शैक्षिक परंपरा की ओर लौटने की भावना।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलीपुडी पंडित ने यह प्रस्ताव हाल ही में आयोजित कार्यकारी परिषद (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) की बैठक में पेश किया था, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृति मिल गई है। यह बदलाव आधिकारिक रूप से 2025 से लागू होगा, जिसके तहत सभी दस्तावेजों — डिग्री प्रमाणपत्र, नियुक्ति पत्र, आदेश आदि — में अब ‘कुलपति’ शब्द के स्थान पर ‘कुलगुरु’ लिखा जाएगा।

जेंडर न्यूट्रल भाषा की दिशा में कदम

इस निर्णय के पीछे सबसे प्रमुख कारण है — लैंगिक समानता। ‘कुलपति’ शब्द परंपरागत रूप से पुरुष प्रधान पद की छवि प्रस्तुत करता है, जिसका अर्थ होता है “कुल का पति”। इसके विपरीत ‘कुलगुरु’ एक ऐसा शब्द है जिसमें किसी विशेष लिंग का निर्धारण नहीं होता, और यह स्त्री और पुरुष दोनों के लिए उपयुक्त है। प्रो. शांतिश्री का मानना है कि भाषा हमारे समाज की मानसिकता को आकार देती है, और अगर भाषा समावेशी हो, तो समाज भी अधिक समानता की ओर अग्रसर होता है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह बदलाव केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इससे यह संदेश भी जाता है कि नेतृत्व किसी लिंग का मोहताज नहीं होता। ‘कुलगुरु’ शब्द समावेशी और सम्मानजनक है, जो किसी भी व्यक्ति के लिए उपयोग किया जा सकता है, चाहे वह महिला हो, पुरुष हो या ट्रांसजेंडर।

जेएनयू में अब ‘कुलपति’ नहीं, ‘कुलगुरु’ कहलाएंगे विश्वविद्यालय प्रमुख - Panchayati Times
JNU

भारतीय परंपरा से जुड़ाव

‘कुलगुरु’ शब्द की जड़ें भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा में गहराई से जुड़ी हैं। प्राचीन भारत में गुरुकुल व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षा का केंद्र ‘कुल’ माना जाता था, और उसका प्रमुख ‘कुलगुरु’ कहलाता था। वे केवल शिक्षा देने वाले शिक्षक नहीं होते थे, बल्कि मार्गदर्शक, जीवन मूल्यों के प्रेरणास्रोत और संस्कार देने वाले होते थे।

जेएनयू का यह निर्णय शिक्षा को केवल आधुनिक संस्थागत ढांचे से नहीं, बल्कि भारत की गहराई से जुड़ी सांस्कृतिक सोच से जोड़ने का प्रयास भी है। प्रो. शांतिश्री ने कहा कि हमें शिक्षा को फिर से उस दिशा में ले जाना चाहिए जहां यह केवल जानकारी नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बनती है।

देश के अन्य हिस्सों में भी हो चुका है विचार

गौरतलब है कि इससे पहले भी कुछ राज्यों ने इसी प्रकार के बदलाव का प्रस्ताव रखा था। राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी विश्वविद्यालयों में ‘कुलपति’ की जगह ‘कुलगुरु’ शब्द को अपनाने की पहल की गई थी। हालांकि जेएनयू जैसे राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय द्वारा यह बदलाव लागू करना, इसे एक बड़ी सांस्कृतिक और शैक्षिक पहल का स्वरूप देता है।

यह भी पढ़ें: जानें राजीव कृष्ण के बारे में जो बने यूपी के नए डीजीपी

जेएनयू का यह निर्णय केवल एक शब्द बदलने का नहीं है, बल्कि यह सोच बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह कदम न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से फिर से जोड़ने की कोशिश भी करता है। यह देखा जाना बाकी है कि देश के अन्य विश्वविद्यालय इस पहल को अपनाते हैं या नहीं, लेकिन इतना तय है कि यह एक नई शुरुआत का संकेत जरूर है।

Tags: कुलगुरुकुलपतिजवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालयजेएनयू
Previous Post

IPL Final Prediction: आज टॉस जीतने वाला कैप्टन पहले चुन सकता है फील्डिंग, जानें क्यों?

Next Post

महानगरों से अधिक गांव और कस्बों के लोग ले रहे लोन: RBI रिपोर्ट

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

PM Kisan 24th Installment: दिवाली से पहले किसानों को बड़ा तोहफा - Panchayati Times
कृषि समाचार

PM Kisan 24th Installment: दिवाली से पहले किसानों को बड़ा तोहफा, ऐसे चेक करें स्टेटस 

30 October 2026
अमित शाह की अध्यक्षता में NCDC की 93वीं बैठक, ₹3.5 लाख करोड़ वितरण का लक्ष्य - Panchayati Times
कृषि समाचार

अमित शाह की अध्यक्षता में NCDC की 93वीं बैठक, ₹3.5 लाख करोड़ वितरण का लक्ष्य

29 October 2026
MLC चुनाव परिणाम: चार राज्यों की 28 सीटों पर कौन जीता? देखें पूरी विजेता सूची - Panchayati Times
भारत

MLC चुनाव परिणाम: चार राज्यों की 28 सीटों पर कौन जीता? देखें पूरी विजेता सूची

29 October 2026
PM Viksit Gram Swaraj Yojana: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) को दी मंजूरी - Panchayati Times
पंचायत

PM Viksit Gram Swaraj Yojana: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) को दी मंजूरी

28 October 2026
केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली तोहफा, DA में बढ़ोतरी का ऐलान - Panchayati Times
बिज़नेस

DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली तोहफा, DA में बढ़ोतरी का ऐलान

28 October 2026
Catch the Rain: जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार की पहल - Panchayati Times
पंचायत

Catch the Rain: जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार की पहल 

27 October 2026
Next Post
क्या 1 जुलाई से बंद हो जाएंगे पुराने 10, 20, 50 और100 रूपये के नोट? - Panchayati Times

महानगरों से अधिक गांव और कस्बों के लोग ले रहे लोन: RBI रिपोर्ट

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (245)
  • खेल (605)
  • जुर्म (350)
  • दुनिया (361)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (141)
  • पंचायत (334)
  • बिज़नेस (311)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,852)
  • मनोरंजन (323)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,169)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (207)
  • स्वास्थ्य (101)

Recent News

UP Election 2027: अमित शाह का UCC पर बड़ा ऐलान, अखिलेश यादव ने कसा तंज - Panchayati Times

UP Election 2027: अमित शाह का UCC पर बड़ा ऐलान

30 October 2026
PM Kisan 24th Installment: दिवाली से पहले किसानों को बड़ा तोहफा - Panchayati Times

PM Kisan 24th Installment: दिवाली से पहले किसानों को बड़ा तोहफा, ऐसे चेक करें स्टेटस 

30 October 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved