प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वे अब भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने वाले दूसरे नेता बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया है।
25 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल के 4078 दिन पूरे कर लिए हैं, जबकि इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल 4077 दिन रहा था। इस तरह मोदी अब केवल पंडित जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं, जो आज़ादी के बाद पहले प्रधानमंत्री बने थे और लगभग 16 साल 9 महीने (16 वर्ष 286 दिन) तक इस पद पर रहे।
गुजरात से दिल्ली तक का लंबा सफर
प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। इस दौरान वे राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता भी बने। इसके बाद उन्होंने मई 2014 में देश की बागडोर संभाली और अब तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं।

मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
- आजादी के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आजादी के बाद (1950) हुआ है और वे इतने लंबे समय तक इस पद पर रहे हैं।
- पूर्ण बहुमत से लगातार तीन बार सत्ता में वापसी: मोदी पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने लगातार तीन आम चुनाव (2014, 2019, और 2024) में पार्टी को पूर्ण बहुमत दिलाया।
- गैर-कांग्रेसी दल से सबसे लंबे समय तक पीएम: वे पहले ऐसे नेता हैं जो कांग्रेस के बाहर किसी दल से सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बने रहे हैं।
- गैर-हिंदी भाषी राज्य से सबसे लंबा कार्यकाल: मोदी गुजरात से आते हैं, जो एक गैर-हिंदी भाषी राज्य है, और वहां से आने वाले किसी भी नेता के लिए यह सबसे लंबा प्रधानमंत्री कार्यकाल है।
देश के तीन सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री
- पंडित जवाहरलाल नेहरू – 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक (16 साल 286 दिन)
- नरेंद्र मोदी – 26 मई 2014 से अब तक (25 जुलाई 2025 तक 4078 दिन)
- इंदिरा गांधी – 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक (4077 दिन)
यह भी पढ़ें: हंपी बनाम दिव्या: भारतीय महिला शतरंज का ऐतिहासिक क्षण, FIDE विश्व कप फाइनल में दो भारतीय
प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व की स्थिरता और जनसमर्थन का प्रमाण है। वे न केवल एक लंबे कार्यकाल वाले नेता बने हैं, बल्कि भारतीय राजनीति में एक नई दिशा और पहचान देने वाले प्रधानमंत्री भी साबित हुए हैं।









