SCO Summit: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कूटनीतिक सफलता दर्ज की है। इस बार एससीओ के साझा घोषणा पत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की स्पष्ट और तीखी निंदा की गई है। यह भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत स्थिति और वैश्विक समर्थन जुटाने की रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ मंच से अपने संबोधन में आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरवाद को एशिया की स्थिरता और विकास के लिए सबसे बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि “सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव हैं, लेकिन आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक साझा खतरा बन चुका है।” प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व किया है, जिसमें आतंक के वित्तपोषण पर रोक लगाने और आतंकी नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
एससीओ की घोषणापत्र में पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा गया कि इस हमले में मारे गए निर्दोष लोगों और घायलों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की जाती है। साथ ही यह भी कहा गया कि हमलों के दोषियों, योजनाकारों और प्रायोजकों को हर हाल में न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।
सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत और चीन की उस भूमिका की सराहना की, जो वे यूक्रेन संकट के समाधान की दिशा में निभा रहे हैं। पुतिन के इस बयान से भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति और मज़बूत हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत का प्रयास रहा है कि एससीओ केवल सरकारों तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव और सहयोग को भी बढ़ावा दे। उन्होंने विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और संपर्क जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गहराने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत की यह कूटनीतिक जीत न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर उसकी गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि वैश्विक मंचों पर अब आतंकवाद के खिलाफ भारत की आवाज़ को गंभीरता से सुना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: क्या एमएस धोनी दोबारा बनेंगे टीम इंडिया के मेंटॉर?
भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदम अब अंतरराष्ट्रीय समर्थन पा रहे हैं, और एससीओ जैसे मंच से इस तरह की स्पष्ट निंदा आने से भारत को अपनी आतंकवाद-रोधी नीति को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।









