• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, September 19, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

महिला सैन्य अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, स्थायी कमीशन पर अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत सेवा दे रहीं महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
24 March 2026
in भारत
0
राहुल गांधी को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत - Panchayati Times

सुप्रीम कोर्ट

Share on FacebookShare on Twitter

सुप्रीम कोर्ट ने सशस्त्र बलों में कार्यरत महिला अधिकारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण और दूरगामी असर वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने माना कि शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत सेवा दे रहीं महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया।

चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि चयन बोर्ड द्वारा 2019, 2020 और 2021 में स्थायी कमीशन के लिए चुनी गई महिला अधिकारियों का चयन वैध माना जाएगा और उन्हें सेवा में बरकरार रखा जाएगा। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि कई योग्य महिला अधिकारी पूर्वाग्रह के कारण इस अवसर से वंचित रह गईं।

पेंशन को लेकर भी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन महिला अधिकारियों के नाम इन वर्षों में स्थायी कमीशन के लिए विचाराधीन थे, उनकी सेवा अवधि को 20 वर्ष मानते हुए उन्हें पेंशन का लाभ दिया जाए। यह फैसला उन अधिकारियों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें 14 वर्ष की सेवा के बाद अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त होना पड़ता था।

‘सीमित संख्या’ नीति पर सवाल

अदालत ने स्थायी कमीशन के लिए हर साल केवल 250 महिलाओं के चयन की सीमा पर भी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की तय सीमा योग्यता आधारित चयन के सिद्धांत के खिलाफ है और विशेष परिस्थितियों में इसे पार किया जाना चाहिए।

पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने भविष्य के लिए चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की जरूरत पर जोर दिया। अदालत ने कहा कि निर्णय केवल क्षमता और योग्यता के आधार पर होने चाहिए, न कि किसी निर्धारित कोटे के आधार पर।

क्या है स्थायी कमीशन?

स्थायी कमीशन सशस्त्र बलों में एक ऐसा करियर विकल्प है, जिसमें अधिकारी सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा कर सकता है। इसके विपरीत, शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत महिला अधिकारी सीमित अवधि—आमतौर पर 14 साल—तक ही सेवा दे पाती थीं।

महिला अधिकारियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें स्थायी कमीशन में अवसर देने में भेदभाव किया जाता है। पहले यह विकल्प मुख्य रूप से पुरुष अधिकारियों तक ही सीमित था, जिससे महिलाओं के सामने करियर और आर्थिक सुरक्षा दोनों की चुनौती खड़ी हो जाती थी।

यह भी पढ़ें: फिर गिरा सोना-चांदी का भाव, जानें आज का दाम

यह फैसला सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इससे भविष्य में महिला अधिकारियों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

Tags: महिला सैन्य अधिकारीसुप्रीम कोर्टस्थायी कमीशन
Previous Post

फिर गिरा सोना-चांदी का भाव, जानें आज का दाम

Next Post

कृषि मंत्री ने लोकसभा में बताया, किसानों की आय कितनी बढ़ी?

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

व्यक्तिगत लेन-देन अभी भी निःशुल्क, ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक लेन-देन पर शुल्क लागू - Panchayati Times
बिज़नेस

व्यक्तिगत लेन-देन अभी भी निःशुल्क, ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक लेन-देन पर शुल्क लागू

16 September 2026
SEMICON India 2026: दुनिया भर की चिप कंपनियों का होगा जमावड़ा, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन - Panchayati Times
नई तकनीकी

SEMICON India 2026: दुनिया भर की चिप कंपनियों का होगा जमावड़ा, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

15 September 2026
BRICS Summit 2026: न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन सर्वसम्मति से मंजूर, पहलगाम आतंकी हमले की हुई कड़ी निंदा - Panchayati Times
दुनिया

BRICS Summit 2026: न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन सर्वसम्मति से मंजूर, पहलगाम आतंकी हमले की हुई कड़ी निंदा

12 September 2026
BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों की थाली में सत्तू से बाजरा तक, जानें दिल्ली के होटलों का खास डिनर मेन्यू - Panchayati Times
दुनिया

BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों की थाली में सत्तू से बाजरा तक, जानें दिल्ली के होटलों का खास डिनर मेन्यू

12 September 2026
BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों के लिए खास इंतजाम, थाली में दिखेगा भारत का स्वाद - Panchayati Times
दुनिया

BRICS Summit 2026: विदेशी मेहमानों के लिए खास इंतजाम, थाली में दिखेगा भारत का स्वाद

11 September 2026
Ration Card Update: 21 सितंबर तक राशन नहीं लिया तो 1 अक्टूबर से हो सकता है कार्ड ब्लॉक, जानें क्या करना होगा - Panchayati Times
भारत

Ration Card Update: 21 सितंबर तक राशन नहीं लिया तो 1 अक्टूबर से हो सकता है कार्ड ब्लॉक, जानें क्या करना होगा

10 September 2026
Next Post
कृषि मंत्री ने लोकसभा में बताया, किसानों की आय कितनी बढ़ी? - Panchayati Times

कृषि मंत्री ने लोकसभा में बताया, किसानों की आय कितनी बढ़ी?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (231)
  • खेल (584)
  • जुर्म (344)
  • दुनिया (356)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (140)
  • पंचायत (318)
  • बिज़नेस (294)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,813)
  • मनोरंजन (316)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,142)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (199)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

UP: पंचायत सहायकों के प्रदर्शन पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, मानदेय और नौकरी से जुड़ी मांगों पर दिया भरोसा - Panchayati Times

UP: पंचायत सहायकों के प्रदर्शन पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, मानदेय और नौकरी से जुड़ी मांगों पर दिया भरोसा

16 September 2026
व्यक्तिगत लेन-देन अभी भी निःशुल्क, ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक लेन-देन पर शुल्क लागू - Panchayati Times

व्यक्तिगत लेन-देन अभी भी निःशुल्क, ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक लेन-देन पर शुल्क लागू

16 September 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved