संसद के बजट सत्र की आज औपचारिक शुरुआत हो गई। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछला वर्ष भारत की तेज़ प्रगति और सांस्कृतिक विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे, संसद में विशेष चर्चा
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने महान लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन करते हुए कहा कि यह गीत देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्रपति ने संसद में इस विषय पर हुई विशेष चर्चा के लिए सभी सांसदों को बधाई दी।
अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर
अपने भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेना के शौर्य को पूरी दुनिया ने देखा है। सेना ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर देश की सुरक्षा को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि मिशन सुदर्शन चक्र पर भी कार्य जारी है।
विदेश नीति और ग्लोबल साउथ की भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया इस समय कठिन दौर से गुजर रही है और वैश्विक समीकरण बदल रहे हैं। ऐसे समय में भी भारत तेज़ी से विकास कर रहा है। इसके पीछे दूरदर्शी विदेश नीति की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि भारत आज ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूती से उठा रहा है और दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है। वैश्विक राजनीति का उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए।
शिक्षा, संस्कृति और विरासत पर सरकार का फोकस
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत दुनिया के समृद्धतम देशों में से एक है और सरकार इस विरासत को संजोने का काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुधार, पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण, और संविधान का संथाली भाषा में अनुवाद आदिवासी समाज के गौरव को बढ़ाने वाले कदम हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और वंदे भारत नेटवर्क
राष्ट्रपति ने देश में बुनियादी ढांचे में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आइजोल को रेल नेटवर्क से जोड़ा गया, जम्मू-कश्मीर में देश का सबसे ऊंचा पुल बनाया गया, और देशभर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उन्होंने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को एक बड़ी उपलब्धि बताया।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
राष्ट्रपति ने कहा कि किसानों की अतिरिक्त आय के लिए ‘श्री अन्न’ योजना को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। आज किसान केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन के जरिए भी आर्थिक प्रगति कर रहे हैं।
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बजट सत्र से बड़ी उम्मीदें
राष्ट्रपति के संबोधन के साथ बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। आने वाले दिनों में संसद में आर्थिक नीति, विकास योजनाओं और जनकल्याण से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।








