बुधवार, 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती से आई विमान हादसे की खबर ने सारे देश को झकझोड़ कर रख दिया। इस विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित 5 लोगों की मौत हो गई।
शुरुआती जीवन से राजनीति में एंट्री
अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देओलाली प्रवरा गांव में हुआ था। पिता अनंतराव पवार के असमय निधन के बाद उन्हें कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी, जिसके कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई।
उन्होंने 1982 में सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा। यहीं से उनका सार्वजनिक जीवन शुरू हुआ और धीरे-धीरे वे पश्चिमी महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा चेहरा बनते चले गए।
लोकसभा से विधानसभा तक का सफर
अजित पवार 1991 में बारामती से लोकसभा सांसद चुने गए। बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए छोड़ दी। इसके बाद वे विधानसभा की राजनीति में सक्रिय हुए और अब तक 8 बार विधायक तथा एक बार सांसद रह चुके हैं। उनका सक्रिय राजनीतिक जीवन करीब 35 वर्षों का रहा है।
डिप्टी सीएम बनने का रिकॉर्ड
अजित पवार महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे ज्यादा बार उपमुख्यमंत्री बनने वाले नेता रहे हैं। उन्होंने अब तक छह बार यह पद संभाला:
- 2010 से 2012
- 2012 से 2014
- 2019 (कुछ दिनों के लिए)
- 2022 से 2023
- 2023 से 2024
- दिसंबर 2024 से 2026 तक
यह रिकॉर्ड उन्हें राज्य की राजनीति में एक अलग पहचान देता है।
एनसीपी में बगावत और नया सियासी मोड़
लंबे समय तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में अहम भूमिका निभाने के बाद 2023 में अजित पवार ने पार्टी में बगावत कर ली। बहुमत विधायकों के साथ उन्होंने अलग गुट बनाया।
2024 में चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उनके गुट को दे दिया, जिसके बाद यह गुट एनसीपी (अजित पवार गुट) के नाम से जाना जाने लगा।
वर्तमान में वे बीजेपी और शिवसेना के साथ महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं और देवेंद्र फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर हैं।
छवि, विवाद और राजनीतिक पकड़
अजित पवार की छवि एक मेहनती, अनुशासित और विकास-केंद्रित नेता की रही है। हालांकि उनका नाम 2012 के सिंचाई घोटाले और 2013 के सूखे पर दिए गए विवादित बयान को लेकर आलोचनाओं में भी रहा।
इसके बावजूद बारामती में उनकी राजनीतिक पकड़ आज भी मजबूत मानी जाती है। सत्ता संघर्ष, गठबंधन बदलाव और आंतरिक बगावतों के बावजूद वे लगातार राजनीति के केंद्र में बने रहे।
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महाराष्ट्र की राजनीति में अहम चेहरा
अजित पवार का राजनीतिक सफर महाराष्ट्र की राजनीति के बदलते समीकरणों, सत्ता संतुलन और क्षेत्रीय प्रभाव की कहानी भी कहता है। वर्तमान घटनाक्रम के बीच उनका नाम एक बार फिर राज्य की राजनीति में सबसे अधिक चर्चा में है।









