लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को माहौल काफी गर्म हो गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि देश के चुनावी समीकरण बदलने के उद्देश्य से लाया गया है।
भाषण की शुरुआत में स्पीकर ने राहुल गांधी के हाथ में चोट को लेकर सवाल किया, जिस पर उन्होंने बताया कि उनके अंगूठे में चोट लगी है। इसके बाद उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि देश के सामाजिक ढांचे में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है और वे हर परिवार की केंद्रीय शक्ति हैं। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में दिए गए भाषण में कम समय में प्रभावशाली बात रखी।
“यह असली महिला आरक्षण बिल नहीं”
राहुल गांधी ने दावा किया कि वास्तविक महिला आरक्षण बिल पहले ही 2023 में पारित हो चुका है और मौजूदा प्रस्ताव का उद्देश्य कुछ और है। उनके अनुसार, यह विधेयक सामाजिक न्याय के खिलाफ है और इससे अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले भी असम और जम्मू कश्मीर में इस तरह के कदम उठा चुकी है और अब पूरे देश में ऐसा करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि यह कदम सत्ता बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है।
सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
विपक्ष के नेता ने कहा कि सरकार अपनी राजनीतिक स्थिति कमजोर होने से चिंतित है और इसी वजह से ऐसे कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान के मूल्यों की अनदेखी की जा रही है और समाज के कमजोर वर्गों की भागीदारी कम की जा रही है।
बयान पर संसद में हंगामा
भाषण के दौरान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा संसद की गरिमा के खिलाफ है।
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस तरह की टिप्पणी न केवल प्रधानमंत्री, बल्कि देश की जनता का भी अपमान है। उन्होंने राहुल गांधी से माफी की मांग की।
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स्पीकर ने चर्चा को सीमित रखने को कहा
जब राहुल गांधी अन्य मुद्दों का जिक्र करने लगे, तो स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि चर्चा केवल विधेयक तक सीमित रखी जाए। इसके बावजूद राहुल गांधी ने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि विपक्ष इस विधेयक का विरोध जारी रखेगा।









