उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की तैयारियां अब तेज़ हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही 18 जुलाई 2025 से पंचायत चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। यह चुनाव राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है।
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन जनवरी 2026 में
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को किया जाएगा। इससे पहले जून 2025 से वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत मृतकों के नाम हटाए जा रहे हैं और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं। बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों की तैनाती का काम भी जारी है, ताकि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
अधिकारियों के तबादलों पर लगी रोक
चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि फिलहाल अधिकारियों के तबादले पर रोक रहेगी। इस संबंध में आयोग के OSD और वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
नए परिसीमन से बदली पंचायतों की तस्वीर
पंचायती राज विभाग ने हाल ही में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा कर लिया है। नए परिसीमन के तहत प्रदेश में अब 512 ग्राम पंचायतें कम हो गई हैं। अब पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। चित्रकूट, आजमगढ़ और देवरिया ऐसे तीन जिले हैं, जहां सबसे अधिक ग्राम पंचायतें घटाई गई हैं।
व्यापक स्तर पर होंगे चुनाव
इस बार पंचायत चुनाव ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत अध्यक्षों के चयन के लिए होंगे। उत्तर प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों, 826 ब्लॉकों और 75 जिला पंचायतों में यह चुनाव संपन्न होंगे। चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा भले ही अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि मार्च 2026 में मतदान प्रक्रिया कराई जाएगी।
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव सिर्फ ग्रामीण सत्ता के गठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाले अहम संकेतक माने जाते हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की नजरें इन चुनावों पर टिकी हुई हैं।









