मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इंदौर में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। विजयवर्गीय ने कहा कि “1947 में भारत को कटी-फटी और अधूरी आज़ादी मिली थी”, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय?
कार्यक्रम के मंच से जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “15 अगस्त 1947 को हमें जो आज़ादी मिली, वह पूरी नहीं थी। भारत माता के टुकड़े हो गए थे। जिन शहीदों ने देश के लिए जान दी, जैसे भगत सिंह, उन्हें जो आज़ादी चाहिए थी, वह उस दिन नहीं मिली।”
उन्होंने दावा किया कि भारत की स्वतंत्रता गलत नीतियों के चलते विभाजन के साथ आई, और उसे “कटी-फटी” आज़ादी बताया।
“अखंड भारत का सपना होगा साकार”
विजयवर्गीय ने अपने भाषण में ‘अखंड भारत’ की बात करते हुए कहा, “वह दिन दूर नहीं जब इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराया जाएगा और अखंड भारत का सपना साकार होगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि “पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को जिस तरह जवाब दिया गया, वह नए भारत की ताकत दिखाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत मिसाइल और ड्रोन हमलों का ऐसा जवाब देता है कि “हमारे सैनिकों को खरोंच तक नहीं आती।”

राष्ट्रभक्ति से भरा माहौल
कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’, ‘ये देश है वीर जवानों का’ जैसे कई देशभक्ति गीत गाए और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया।
हालांकि, उनकी ओर से आज़ादी को अधूरी बताने की टिप्पणी पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पहले भी रहे हैं विवादों में
यह पहली बार नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों के चलते सुर्खियों में आए हों। जून 2025 में उन्होंने एक विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि “उन्हें कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां पसंद नहीं हैं,” जिस पर भारी विरोध हुआ था। इसके अलावा वे समय-समय पर ऐसे बयान देते रहे हैं, जो राजनीतिक और सामाजिक बहस का कारण बनते हैं।
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कैलाश विजयवर्गीय के हालिया बयान ने एक बार फिर से आज़ादी के इतिहास और वर्तमान राष्ट्रवाद पर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर कुछ लोग उन्हें राष्ट्र भक्ति से प्रेरित नेता मानते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके बयान अक्सर राजनीतिक विवाद का कारण बन जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर दिया गया यह बयान कितना उचित है, इस पर अब राजनीति गर्मा गई है।









