भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को मथुरा पहुंचे और श्रद्धा व विकास का संगम प्रस्तुत किया। उन्होंने डैम्पियर नगर स्थित पांचजन्य सभागार में साधु-संतों के सम्मान समारोह में भाग लिया और बृज क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन को करीब 646 करोड़ रुपये की लागत वाली 118 विकास परियोजनाओं की सौगात दी और 30,000 करोड़ रुपये की एक विशाल कार्ययोजना की घोषणा की, जिससे बृज को द्वापर युग की स्मृतियों से जोड़ा जाएगा।
“मथुरा की रज-रज में बसते हैं श्रीकृष्ण” – मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मथुरा की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यह भूमि भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली रही है, और यहां की मिट्टी में भक्ति समाई हुई है। उन्होंने कहा, “श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का यह अवसर पूरे देश और दुनिया से भक्तों को मथुरा-वृंदावन खींच लाता है। यह केवल पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है।”
योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए इस अवसर को ऐतिहासिक बताया।
30,000 करोड़ की कार्ययोजना से बदलेगा बृज का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बृज क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। यह योजना मथुरा, वृंदावन, गोकुल और बरसाना जैसे तीर्थ स्थलों को द्वापर युग की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार संतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन सपनों को साकार कर रही है, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।

राम मंदिर त्रेतायुग को कर रहा है जीवंत
सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या का राम मंदिर और विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे आज़ादी के 75 वर्षों के बाद भारत अपनी आध्यात्मिक विरासत को फिर से जीवंत कर रहा है। उन्होंने कहा, “राम मंदिर त्रेतायुग की स्मृति को साकार कर रहा है, तो बृज क्षेत्र द्वापर युग को फिर से जीने का माध्यम बनेगा।”
यमुना की अविरलता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे गंगा को स्नान और आचमन योग्य बनाया गया, वैसे ही यमुना की निर्मलता और अविरलता के लिए भी सरकार गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बरसाना रोपवे, परिक्रमा मार्गों का सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण, और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं की जानकारी दी।
“श्रीकृष्ण का निष्काम कर्म हमें शक्ति देता है”
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का अवतरण अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने युद्धभूमि को धर्मभूमि में बदल दिया और निष्काम कर्म का जो संदेश दिया, वह आज भी हमारा मार्गदर्शन करता है।
उन्होंने कहा, “जब तक श्रीकृष्ण की प्रेरणा हमारे साथ है, हमें कोई पराजित नहीं कर सकता। यही भारत की शक्ति है।”
646 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन के लिए 646 करोड़ रुपये की 118 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें से 80 परियोजनाएं (273 करोड़ रुपये) पूरी हो चुकी हैं और 38 परियोजनाओं (373 करोड़ रुपये) की नींव रखी गई। इन परियोजनाओं में प्रवेश द्वारों का निर्माण, कुंडों का पुनरुद्धार, पार्किंग सुविधा, सड़क सुधार और हरित क्षेत्र विकास जैसी योजनाएं शामिल हैं।
संतों और जनप्रतिनिधियों को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर संतों और जनप्रतिनिधियों के योगदान की सराहना की और कहा कि सरकार और समाज के साझा प्रयासों से ही बृज क्षेत्र के विकास के संकल्प साकार हो रहे हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा न केवल भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित रही, बल्कि मथुरा-वृंदावन के पुनर्जागरण की दिशा में एक ठोस कदम भी सिद्ध हुई। अब देखना यह होगा कि घोषित योजनाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं और आने वाले वर्षों में बृज क्षेत्र किस रूप में उभरता है – आस्था, अध्यात्म और विकास का एक आदर्श संगम।









