• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Friday, July 17, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

जूता फेंकने की कोशिश पर सीजेआई की मां और बहन ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई पर एक वकील द्वारा जूता फेंकने की कोशिश के बाद विवाद गहराता जा रहा है।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
7 October 2025
in भारत
0
सुप्रीम कोर्ट: दिल्ली-NCR में पटाखा बैन पर CJI ने क्या कहा? - Panchayati Times

CJI बी आर गवई

Share on FacebookShare on Twitter

सुप्रीम कोर्ट में देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई पर एक वकील द्वारा जूता फेंकने की कोशिश के बाद विवाद गहराता जा रहा है। इस घटना की निंदा न केवल न्यायिक समुदाय ने की है, बल्कि अब खुद सीजेआई की मां कमलताई गवई और बहन कीर्ति गवई ने भी इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताया है।

कमलताई गवई की सख्त प्रतिक्रिया

मुख्य न्यायाधीश की मां कमलताई गवई ने कहा कि संविधान ने सभी को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई व्यक्ति कानून हाथ में लेकर अराजकता फैलाए। उन्होंने कहा, “डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान ‘आप जिएं और दूसरों को भी जीने दें’ के सिद्धांत पर आधारित है। किसी को भी ऐसा गैरकानूनी कृत्य करने का अधिकार नहीं है। जो भी बात रखनी है, उसे शांति और संवैधानिक तरीके से रखा जाना चाहिए।”

कीर्ति गवई: ‘यह विचारधारा का ज़हर है’

सीजेआई की बहन कीर्ति अर्जुन गवई ने भी इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई और इसे केवल व्यक्तिगत हमला न मानकर एक “जहरीली विचारधारा” का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “यह घटना केवल मेरे भाई पर हमला नहीं थी, यह भारत के संविधान, न्याय व्यवस्था और शांतिपूर्ण विमर्श की नींव पर हमला है। जो लोग ऐसे असंवैधानिक कृत्य कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि हमें डॉ. अंबेडकर के विचारों को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों से बचना चाहिए और लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखना चाहिए।

क्या हुआ था कोर्ट में?

6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक वकील राकेश किशोर अचानक सीजेआई बी.आर. गवई की बेंच की ओर बढ़ा और जूता फेंकने की कोशिश की। कोर्ट में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और कोर्ट से बाहर कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाहर जाते समय वह “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे लगा रहा था। हालांकि, सीजेआई गवई इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पूरी तरह शांत रहे और वकीलों से कहा कि इस घटना से विचलित न हों। उन्होंने कहा, “ऐसी चीजों से मुझ पर कोई असर नहीं होता।”

बार काउंसिल ने रद्द किया वकालत का लाइसेंस

इस घटना के तुरंत बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राकेश किशोर का वकालत लाइसेंस रद्द कर दिया है। अब वह किसी भी अदालत, ट्रिब्यूनल या अधिकरण में वकालत नहीं कर सकेंगे।

वकील राकेश किशोर का अजीब दावा

राकेश किशोर ने अपनी हरकत को “ईश्वरीय प्रेरणा” बताया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, “यह मैंने नहीं किया, परमात्मा ने मुझसे कराया। मुझे नहीं पता कि याचिका किसने दाखिल की थी, पर सुनवाई के दौरान सीजेआई ने ऐसी टिप्पणी की जो मुझे सही नहीं लगी। मुझे दुख हुआ, इसलिए मैंने यह कदम उठाया।”

किशोर के अनुसार, विवाद खुजराहो में भगवान विष्णु की एक खंडित मूर्ति को लेकर दायर पीआईएल से जुड़ा था। उनका आरोप है कि सुनवाई के दौरान सीजेआई ने मूर्ति की मरम्मत की मांग को खारिज करते हुए कथित तौर पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

न्यायपालिका पर हमला या अभिव्यक्ति की आज़ादी की सीमा?

यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है कि न्यायपालिका में असहमति व्यक्त करने के सही और लोकतांत्रिक तरीके क्या हैं। जहां एक ओर संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ समूह इस कृत्य को “धार्मिक अस्मिता” से जोड़ रहे हैं।

यह भी पढ़ें: हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

लेकिन यह स्पष्ट है कि भारत के संविधान में हिंसा या अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है – और देश की सर्वोच्च अदालत पर इस तरह का हमला न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ भी।

Tags: सीजेआई बी आर गवईसुप्रीम कोर्ट
Previous Post

हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

Next Post

बारापुला फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में घोटाले की जांच के आदेश LG वीके सक्सेना ने दिए

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे पवन खेड़ा, कांग्रेस ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग - Panchayati Times
भारत

सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे पवन खेड़ा, कांग्रेस ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

17 July 2026
वाराणसी में आज ‘पंच सम्मेलन’, चार राज्यों के 500 ग्राम प्रधान होंगे शामिल - Panchayati Times
पंचायत

वाराणसी में आज ‘पंच सम्मेलन’, चार राज्यों के 500 ग्राम प्रधान होंगे शामिल 

16 July 2026
Kudankulam Nuclear Power Plant Data Leak: भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र से जुड़े हजारों दस्तावेज ऑनलाइन होने का दावा, साइबर सुरक्षा पर बढ़ी चिंता - Panchayati Times
भारत

Kudankulam Nuclear Power Plant Data Leak: भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र से जुड़े हजारों दस्तावेज ऑनलाइन होने का दावा, साइबर सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

15 July 2026
18वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा मामला - Panchayati Times
भारत

18वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा मामला 

15 July 2026
PoJK Protest: पीओजेके में प्रदर्शन पर भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला  - Panchayati Times
दुनिया

PoJK Protest: पीओजेके में प्रदर्शन पर भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला

14 July 2026
Bankipur Bypoll 2026: वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेज प्रताप यादव बोले- यह साजिश है, कोर्ट जाने की तैयारी - Panchayati Times
भारत

Bankipur Bypoll 2026: वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेज प्रताप यादव बोले- यह साजिश है, कोर्ट जाने की तैयारी

14 July 2026
Next Post
बारापुला फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में घोटाले की जांच के आदेश LG वीके सक्सेना ने दिए - Panchayati Times

बारापुला फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में घोटाले की जांच के आदेश LG वीके सक्सेना ने दिए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (228)
  • खेल (560)
  • जुर्म (337)
  • दुनिया (348)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (139)
  • पंचायत (300)
  • बिज़नेस (282)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,749)
  • मनोरंजन (308)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,103)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (179)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे पवन खेड़ा, कांग्रेस ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग - Panchayati Times

सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे पवन खेड़ा, कांग्रेस ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

17 July 2026
वाराणसी में आज ‘पंच सम्मेलन’, चार राज्यों के 500 ग्राम प्रधान होंगे शामिल - Panchayati Times

वाराणसी में आज ‘पंच सम्मेलन’, चार राज्यों के 500 ग्राम प्रधान होंगे शामिल 

16 July 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved