दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में यमुना की सफाई से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत के दौरान गृह मंत्री ने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी लगातार कई राज्यों में चुनाव जीत रही है, जबकि विपक्ष इसे स्वीकार करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाता है।
‘वोट चोरी का बहाना बनाकर घुसपैठियों के वोट बचाना चाहते हैं’
अमित शाह ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे वोट चोरी का मुद्दा उठाकर घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता विपक्ष की राजनीति को समझ चुकी है।
गृह मंत्री के मुताबिक, भाजपा को लोकप्रिय जनादेश के जरिए सत्ता मिलती है, लेकिन विपक्ष चुनावी हार के बाद कभी ईवीएम तो कभी मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाता है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों से कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।
शाह ने कहा कि धरना-प्रदर्शन करने के बजाय विपक्षी दलों को उन राज्यों में काम करना चाहिए, जहां उन्हें जनता ने चुनकर भेजा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष जनता की समस्याओं को दूर करने और विकास के मुद्दों पर ध्यान नहीं देगा, तो उसका राजनीतिक समर्थन और कम हो सकता है।
अमित शाह ने गिनाए कांग्रेस की चुनावी हार के उदाहरण
अपने भाषण में अमित शाह ने कई राज्यों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में कांग्रेस की सरकार बने 41 साल हो गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में भी पार्टी लंबे समय से चुनाव नहीं जीत पाई है।
शाह ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान और मध्य प्रदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बना सकी है। इसके अलावा उन्होंने अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, दिल्ली और असम में कांग्रेस की चुनावी स्थिति को लेकर भी टिप्पणी की।
गृह मंत्री ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा की चुनावी सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो कई राज्यों में कांग्रेस की लगातार हार का सिलसिला पहले से क्यों जारी रहा है।
‘30 साल तक आपकी सरकार नहीं बनने वाली’
अमित शाह ने विपक्ष की राजनीति पर हमला करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक रवैये के आधार पर कांग्रेस की सत्ता में वापसी मुश्किल है। उन्होंने कहा, “30 साल तक आपकी सरकार कभी नहीं बनने वाली है।”
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन और देश में रहने का जिक्र करते हुए कहा कि वह जनता के बीच रहकर राजनीति करते हैं। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह देश की जनता के बीच जाने के बजाय विरोध प्रदर्शनों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के रुख को लेकर भी उठाए सवाल
अमित शाह ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन राज्यों में विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, वहां वे चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर सवाल नहीं उठाते। लेकिन हार मिलने पर चुनाव प्रक्रिया को निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को जहां चुनावी सफलता मिलती है, वहां चुनाव आयोग की व्यवस्था स्वीकार्य होती है। शाह ने इसे दोहरे मानदंड बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति नहीं चल सकती।
उन्होंने अदालतों के फैसलों को लेकर भी विपक्ष पर समान रवैया नहीं अपनाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, विपक्ष अपने पक्ष में फैसला आने पर न्यायपालिका की प्रशंसा करता है, जबकि प्रतिकूल फैसले पर सवाल उठाता है।
INDIA गठबंधन के दिल्ली प्रदर्शन पर क्या बोले अमित शाह?
दिल्ली में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि दूसरे राज्यों से कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करके राजधानी में प्रदर्शन करने से जनता के चुनावी जनादेश को नहीं बदला जा सकता।
उन्होंने कहा कि देश की जनता विपक्षी दलों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उनकी राजनीति को समझ रही है। शाह ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन से अपील की कि वे विरोध प्रदर्शनों के बजाय जनता के मुद्दों और विकास पर ध्यान दें।








