Bengaluru stampede: बेंगलुरु भगदड़ मामले में बड़ा अपडेट आया है। कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में विजय जुलूस (Victory Parade) का आयोजन एकतरफा रूप से किया और इसके लिए पुलिस से कोई परामर्श या अनुमति नहीं ली गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
यह रिपोर्ट कर्नाटक हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सार्वजनिक की गई है। राज्य सरकार ने रिपोर्ट को गोपनीय रखने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इसके लिए कोई कानूनी आधार नहीं है।
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‘उचित अनुमति नहीं ली गई’
सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, RCB प्रबंधन ने 3 जून 2025 को, जिस दिन RCB ने 18 साल बाद आईपीएल का खिताब जीता, पुलिस को संभावित विजय जुलूस की जानकारी दी थी। लेकिन यह जानकारी केवल सूचना के रूप में दी गई थी, न कि विधिवत अनुमति के अनुरोध के रूप में।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘ऐसे आयोजनों के लिए कम से कम सात दिन पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन देना अनिवार्य है। इस मामले में आयोजकों द्वारा कोई आवेदन निर्धारित प्रारूप में नहीं दिया गया। इससे आयोजक द्वारा अनुमानित भीड़, व्यवस्थाएं, संभावित बाधाएं आदि की जानकारी नहीं मिल सकी, जिसके कारण क्यूबन पार्क थाने के PI ने KSCA के अनुरोध को 3 जून शाम 6:30 बजे खारिज कर दिया।’
‘पुलिस को बिना जानकारी दिए सार्वजनिक आमंत्रण’
रिपोर्ट के अनुसार, RCB ने पुलिस से चर्चा किए बिना 4 जून की सुबह 7:01 बजे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट किया, जिसमें कहा गया था कि ‘विजय जुलूस में आम लोगों के लिए निःशुल्क प्रवेश रहेगा’, जो विधान सौधा से शुरू होकर चिन्नास्वामी स्टेडियम तक जाएगा।
इसके बाद सुबह 8 बजे एक और पोस्ट किया गया, और फिर 8:55 बजे RCB के खिलाड़ी विराट कोहली का एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें उन्होंने बेंगलुरु वासियों और RCB फैन्स के साथ जीत का जश्न मनाने की बात कही।
दोपहर 3:14 बजे एक और पोस्ट में RCB ने लिखा, ‘विजय जुलूस 5 बजे से 6 बजे तक विधान सौधा से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक निकलेगा और उसके बाद स्टेडियम में सेलिब्रेशन होगा।’ इस पोस्ट में पहली और आखिरी बार यह कहा गया कि सीमित संख्या में फ्री पास shop.royalchallengers.com पर उपलब्ध होंगे। इससे पहले तक सभी पोस्ट से यह स्पष्ट हो रहा था कि यह आयोजन सभी के लिए खुला है।
‘भीड़ बेकाबू हो गई’
रिपोर्ट में बताया गया है कि RCB के इन सोशल मीडिया पोस्ट्स को कुल 44 लाख से अधिक व्यूज़ मिले, जिससे भारी संख्या में लोग पहुंच गए। अनुमानित तौर पर 3 लाख से अधिक लोग जुटे। मेट्रो (BMRCL) की सवारी के आंकड़े बताते हैं कि 4 जून को करीब 9.66 लाख यात्रियों ने मेट्रो का उपयोग किया, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा लगभग 6 लाख होता है।
रिपोर्ट में निष्कर्ष दिया गया कि बिना अनुमति और उचित समन्वय के इतने बड़े आयोजन का आयोजन करना खतरनाक था, जिसकी वजह से यह दुखद हादसा हुआ।









