राजधानी पटना के प्रतिष्ठित पारस अस्पताल में गुरुवार सुबह मर्डर हुआ, उसने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के अंदर दाखिल होकर पांच की संख्या में बदमाशों ने अपराधी चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी। यह पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पांचों हमलावर बड़े आराम से अस्पताल में दाखिल होते हैं और चंदन के वार्ड की ओर बढ़ते हैं। जैसे ही वे वार्ड के दरवाजे के पास पहुंचते हैं, एक-एक कर हथियार निकालते हैं और अंदर घुसकर गोलियां चला देते हैं। हमलावरों के चेहरों पर न कोई डर था और न ही कोई जल्दबाज़ी — मानो यह पूरी योजना पहले से तय थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात के बाद सभी पांचों बदमाश आराम से निकल जाते हैं और मौके से फरार हो जाते हैं। सीसीटीवी फुटेज में उनके चेहरे स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है कि पुलिस को पहचानने और गिरफ्तार करने में आसानी होगी।
राजनीतिक बवाल शुरू
इस भयावह घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “बिहार का ‘गुNDA राज’ लौट आया है। 17 दिन में 46 हत्याएं हो चुकी हैं, और अब राजधानी के अस्पताल भी सुरक्षित नहीं बचे।”
इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “पटना में अब अस्पताल भी गोलियों से गूंज रहे हैं। अपराधी इतने बेखौफ हो चुके हैं कि पुलिस और सरकार का डर ही खत्म हो गया है।”
कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा, “बिहार में अब असल ज़िंदगी की क्राइम थ्रिलर चल रही है। यह वीडियो किसी वेब सीरीज़ का हिस्सा नहीं, बल्कि नीतीश सरकार की नाकामी का जीता-जागता सबूत है।”
‘क्राइम कैपिटल’ बना बिहार: मुकेश सहनी
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने भी घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने लिखा, “बिहार अब क्राइम कैपिटल बन चुका है। राजधानी पटना के अस्पतालों तक में अब गोलियां चल रही हैं। जनता डरी हुई है, लेकिन सरकार बेखबर।”
पुलिस के लिए चुनौती
इस घटना ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की जांच तेज़ कर दी गई है। चूंकि सीसीटीवी में सभी हमलावरों की तस्वीरें कैद हो चुकी हैं, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हालांकि, सवाल यह है कि राजधानी के एक हाई-प्रोफाइल अस्पताल में इतनी बड़ी घटना को अंजाम देना और बदमाशों का बिना किसी रोक-टोक के फरार हो जाना, क्या यह सिर्फ सुरक्षा में चूक है या बिहार में बढ़ते अपराध की एक और मिसाल?
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बहरहाल, जनता और मरीजों में डर का माहौल है, और अब देखना होगा कि सरकार और पुलिस इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करती है।










