Air India Plane Crash: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में 260 लोगों की मौत के मामले में मुख्य रूप से पायलट्स और विमान के फ्यूल स्विच को केंद्र में रखा गया है। यह पिछले एक दशक में सबसे भयावह हादसा माना जा रहा है।
क्रैश जांच रिपोर्ट में क्या है नया?
पिछले महीने हुए एयर इंडिया हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट ने कई संभावनाओं को खारिज कर दिया है लेकिन कुछ नए सवाल भी खड़े किए हैं। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं- दो स्विच, जो उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद बंद पाए गए जिससे इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई।
क्या बोइंग 787 के पायलट्स में से किसी एक ने इन स्विच को ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ पर कर दिया था? अगर हां, तो क्यों? क्या यह मानवीय भूल थी या कोई तकनीकी गड़बड़ी?
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रिपोर्ट ने इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है, जिससे जांच एजेंसियों के सामने एक नई पहेली खड़ी हो गई है। कई देशों में विमानन नियामकों ने अब अपने बोइंग विमानों के फ्यूल सप्लाई स्विच की जांच शुरू कर दी है।
भारतीय अधिकारियों ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर या इसके GE इंजनों के ऑपरेटर्स के लिए अभी तक कोई सिफारिश जारी नहीं की है।
कैसे हुआ हादसा?
इस हादसे में विमान में सवार 242 में से केवल एक व्यक्ति बच पाया, जबकि ज़मीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों की भी मौत हुई। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने एक आंतरिक मेमो में कहा कि जांच अभी समाप्त नहीं हुई है।
पायलट्स और फ्यूल स्विच पर सवाल
अब जांच का फोकस उड़ान भरने के तुरंत बाद पायलट्स की हरकतों और फ्यूल स्विच पर है। रिपोर्ट के अनुसार, स्विच की स्थिति में एक क्षणिक बदलाव ने विमान को फ्यूल से वंचित कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है, ‘तुमने कट-ऑफ क्यों किया?’ दूसरा जवाब देता है, ‘मैंने नहीं किया।’
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दोनों स्विच एक-एक सेकंड के अंतराल पर बदले गए थे, जो संभवतः किसी व्यक्ति द्वारा एक के बाद एक स्विच बदलने में लगने वाला समय हो सकता है।









