• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Tuesday, July 28, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

लोकसभा में पेश हुआ नया विधेयक: अब 30 दिन की हिरासत के बाद PM-CM पद से होंगे बर्खास्त

देश की राजनीति में बड़ी हलचल मचाने वाला कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए हैं।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
20 August 2025
in भारत
0
लोकसभा में पेश हुआ नया विधेयक: अब 30 दिन की हिरासत के बाद PM-CM पद से होंगे बर्खास्त - Panchayati Times

Share on FacebookShare on Twitter

देश की राजनीति में बड़ी हलचल मचाने वाला कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए हैं, जिनका मकसद सरकार में पारदर्शिता, नैतिकता और जवाबदेही को सुदृढ़ करना है। इन विधेयकों के जरिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी की स्थिति में पद से हटाने के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया कानून में शामिल करना चाहती है।

कौन-कौन से हैं तीन विधेयक?

  1. संविधान (130वां संशोधन) विधेयक
  2. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक
  3. केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक

इन विधेयकों के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 75 (केंद्र सरकार) और अनुच्छेद 164 (राज्य सरकार) में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। संशोधन के बाद यदि कोई मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री गंभीर अपराध के आरोप में गिरफ्तार होता है और 30 दिनों से अधिक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन उसे स्वतः पदमुक्त मान लिया जाएगा।

गिरफ्तारी के साथ ही लागू होगा नियम

अब तक नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नैतिकता और राजनीतिक दबाव पर निर्भर करती थी। विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग के बावजूद नेता पद पर बने रहते थे। लेकिन इस प्रस्तावित कानून के लागू होने के बाद, पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद 30 दिन की अवधि तय कर दी जाएगी। यदि इस दौरान कोर्ट से जमानत नहीं मिलती है, तो स्वतः ही पद समाप्त माना जाएगा।

किन मामलों में लागू होगा यह नियम?

  • यह नियम सिर्फ उन्हीं मामलों में लागू होगा जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।
  • यदि नेता को बाद में निर्दोष साबित किया जाता है, तो उसे दोबारा पद पर नियुक्त किए जाने का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।

मौजूदा कानून में क्या है व्यवस्था?

वर्तमान संविधान में ऐसी कोई विशेष व्यवस्था नहीं है जिससे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को गिरफ्तारी के बाद पद छोड़ने के लिए बाध्य किया जा सके।

  • संविधान का अनुच्छेद 361 केवल राष्ट्रपति और राज्यपाल को कुछ मामलों में विशेष सुरक्षा देता है।
  • मंत्रियों को केवल राजनीतिक नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना होता है।
  • यदि किसी विधायक या सांसद को 2 साल से अधिक की सजा हो जाती है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है, लेकिन तब तक वह पद पर बना रह सकता है।

लोकसभा में पेश हुआ नया विधेयक: अब 30 दिन की हिरासत के बाद PM-CM पद से होंगे बर्खास्त - Panchayati Times

अगर यह कानून पहले होता तो क्या होता?

इसका सबसे ताजा उदाहरण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का है। वे लंबे समय तक जेल में रहे, लेकिन उन्होंने पद नहीं छोड़ा। मामला अदालत में गया, लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि उसके पास हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है क्योंकि कोई स्पष्ट कानून नहीं है। यदि यह नया कानून पहले से लागू होता, तो केजरीवाल को 31वें दिन पद छोड़ना पड़ता।

क्यों जरूरी है यह नया कानून?

  • सरकार का कहना है कि यह कानून जनता का विश्वास बनाए रखने और प्रशासन में ईमानदारी स्थापित करने के लिए लाया गया है।
  • अक्सर यह देखा गया है कि गंभीर आरोपों में फंसे नेता पद से चिपके रहते हैं, जिससे सरकार की छवि और लोकतंत्र की साख को नुकसान होता है।
  • नया कानून इस स्थिति को रोकने का एक संवैधानिक उपाय प्रदान करेगा।

यह भी पढ़ें: ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को इन आधार पर कोर्ट में दी जाएगी चुनौती

तीनों विधेयक इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं जहां सरकार, अपराध और पद की गरिमा के बीच एक स्पष्ट रेखा खींचना चाहती है। यदि ये विधेयक संसद से पारित हो जाते हैं, तो यह भारत की राजनीति में एक ऐतिहासिक और नैतिक बदलाव की शुरुआत मानी जाएगी। हालांकि विपक्ष ने इस पर आपत्ति जताई है और बहस की मांग की है, लेकिन सरकार इसे सुधारात्मक पहल के रूप में आगे बढ़ा रही है।

Tags: केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयकजम्मू कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2023 बिलसंविधान (130वां संशोधन) विधेयक
Previous Post

ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को इन आधार पर कोर्ट में दी जाएगी चुनौती

Next Post

ऑनलाइन गेमिंग बिल लोकसभा में बिना चर्चा किए हुआ पास

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

Exam Reforms Task Force: परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल है? - Panchayati Times
भारत

Exam Reforms Task Force: परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल है?

27 July 2026
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, Gen-Z की बड़ी जीत
भारत

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, Gen-Z की बड़ी जीत

25 July 2026
सरकार और CJP के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा समय - Panchayati Times
भारत

सरकार और CJP के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा समय

24 July 2026
NEET Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा विस्तृत जवाब - Panchayati Times
भारत

NEET Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा विस्तृत जवाब

24 July 2026
दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू की छात्रों को सलाह, जंतर-मंतर से रहें दूर; राहुल गांधी ने जताया विरोध - Panchayati Times
भारत

दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू की छात्रों को सलाह, जंतर-मंतर से रहें दूर; राहुल गांधी ने जताया विरोध

24 July 2026
Karmajeevi Awaas Yojana: DDA दे रही 25% छूट पर रेडी-टू-मूव फ्लैट - Panchayati Times
बिज़नेस

Karmajeevi Awaas Yojana: DDA दे रही 25% छूट पर रेडी-टू-मूव फ्लैट

23 July 2026
Next Post
लोकसभा की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी: ओम बिरला : Panchayati Times

ऑनलाइन गेमिंग बिल लोकसभा में बिना चर्चा किए हुआ पास

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (228)
  • खेल (562)
  • जुर्म (337)
  • दुनिया (348)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (139)
  • पंचायत (300)
  • बिज़नेस (284)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,760)
  • मनोरंजन (309)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,105)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (184)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

Gujarat Ayurveda University Paper Leak: गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की सर्जरी परीक्षा का पेपर लीक - Panchayati Times

Gujarat Ayurveda University Paper Leak: गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की सर्जरी परीक्षा का पेपर लीक

27 July 2026
'धमाल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई में भी मचाया धमाल - Panchayati Times

‘धमाल 4’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई में भी मचाया धमाल

27 July 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved