महाराष्ट्र में 246 नगरपालिका और 42 नगरपंचायतों के लिए जारी मतदान के बीच चुनावी माहौल मंगलवार को उस समय गरमा गया जब राज्य के कई हिस्सों में मतदान केंद्रों के आसपास संदिग्ध रूप से नकदी मिलने की घटनाएँ सामने आईं। चुनाव आयोग की सख्त निगरानी के बावजूद विभिन्न जिलों में मतदाताओं को पैसे बांटे जाने के आरोपों ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
राजुरा: बीजेपी उम्मीदवार के पिता पर नोट बांटने का आरोप
चंद्रपुर जिले की राजुरा नगरपालिका में बड़ा मामला सामने आया है। प्रभाग 4 से बीजेपी उम्मीदवार अमोल चिल्लावार के पिता और स्थानीय भाजपा नेता पांडुरंग चिल्लावार पर मतदाताओं को 500–500 रुपये के नोट बांटने का आरोप लगा है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
कांग्रेस नेता सूरज ठाकरे ने मामले की शिकायत चुनाव विभाग में की है। बताया जा रहा है कि चिल्लावार परिवार के घर के पीछे संचालित आटा चक्की के शेड से पैसे बांटे जा रहे थे।
माथेरान में 5 लाख रुपये बरामद
रायगड जिले के माथेरान नगरपालिका क्षेत्र में चुनावी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने एक युवक के पास से 5 लाख रुपये की नकदी पकड़ी।
युवक का दावा है कि यह राशि होटल व्यवसाय से जुड़ी है, लेकिन पुलिस इसे चुनावी गतिविधियों से जोड़कर गंभीरता से जांच कर रही है।
अकोट में तनाव, पैसों के लेन-देन पर हाथापाई
अकोला जिले के अकोट में मतदान केंद्र के पास कथित तौर पर पैसे बांटे जाने को लेकर बीजेपी और अन्य दलों के प्रतिनिधि आमने-सामने आ गए। बस स्टैंड के पास मौजूद मतदान केंद्र के बाहर विवाद इतना बढ़ा कि हाथापाई की नौबत आ गई। पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विरोधी उम्मीदवारों का दावा है कि बीजेपी बूथ के बाहर मतदाताओं को पैसे दिए जा रहे थे। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। शिंदे गुट शिवसेना की उम्मीदवार चंचल पितांबरवाले ने आरोप लगाया कि “प्रशासन की शह पर बीजेपी चुनाव प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।”
खामगांव में 50 हजार रुपये और डमी बैलेट बरामद
बुलढाणा जिले के खामगांव शहर के महेबूब नगर क्षेत्र में पुलिस ने मतदान के दौरान 50 हजार रुपये की नकदी जब्त की। तीन संदिग्ध मौके से फरार हो गए। जब्त की गई रकम के साथ बीजेपी उम्मीदवार लक्ष्मण आयलाणी की डमी मतपत्रिका भी मिली है, जिससे मामले पर और संदेह गहरा गया है।
माजलगांव में बूथ के पास ही कथित खरीद-फरोख्त, भिड़ंत में कई हिरासत में
बीड जिले के माजलगांव में मतदान के दौरान बूथ के बिलकुल पास पैसे बांटे जाने का आरोप लगा, जिसके बाद दो गुट आपस में भिड़ गए। विवाद मारपीट में बदल गया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया।
राज्यभर में बढ़ी चुनावी निगरानी
कई जिलों में नकदी बरामद होने के बाद प्रशासन और चुनाव आयोग की टीमों ने निगरानी और कड़ी कर दी है। हालांकि विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगा रहे हैं, पर सभी मामलों में जांच जारी है और चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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महाराष्ट्र की इन स्थानीय निकाय चुनावों में नकदी की बरामदगी ने राजनीतिक तापमान को और गर्म करते हुए चुनावी नैतिकता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।








