भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बयान में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए उसके 4 से 5 लड़ाकू विमान मार गिराए। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं।
वायुसेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की थी और पाकिस्तान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी।
ऑपरेशन सिंदूर: सीमाओं के पार भारतीय ताकत की झलक
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर महज 3-4 दिनों में पूरा किया गया और यह भविष्य के युद्धों की रणनीति के लिए एक मिसाल बन गया है।
उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान की सीमा में 200 किलोमीटर अंदर तक हमला किया। हमारे प्रहार अचूक और सटीक थे। इस पूरे ऑपरेशन में पाकिस्तान की आम जनता को कोई नुकसान नहीं हुआ, सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।”
पाकिस्तान को हुआ व्यापक नुकसान
वायुसेना प्रमुख के मुताबिक, भारतीय सेना ने न सिर्फ पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों को मार गिराया बल्कि उसकी मिसाइल प्रणाली, रडार सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और एयरबेस को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया।
मुख्य नुकसान में शामिल हैं:
- 4-5 फाइटर जेट, जिनमें JF-16 शामिल था, नष्ट किए गए
- 4 रडार सिस्टम और 2 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तबाह
- C-130 एयरक्राफ्ट, जो हैंगर में खड़ा था, पूरी तरह ध्वस्त
- कई एयरफील्ड और लॉजिस्टिक बेस को भी भारी नुकसान
पाकिस्तान की मानसिकता पर भी साधा निशाना
एपी सिंह ने पाकिस्तान की सोच पर व्यंग्य करते हुए कहा कि “अगर वे मानते हैं कि उन्होंने हमारे 15 फाइटर जेट गिरा दिए, तो उन्हें सोचने दीजिए। अगली बार जब वो भारत से टकराएंगे, तो यही सोचकर आएंगे कि 15 कम पड़ेंगे। उनकी सोच मनोहर कहानियों जैसी है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से यह साबित हो गया है कि भारत की एयर पावर कितनी सशक्त और दूरगामी है।

पहलगाम हमले का लिया गया बदला
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में कई जवान शहीद हो गए थे। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।
इस दौरान:
- 9 आतंकी शिविर ध्वस्त किए गए
- 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए
- पाकिस्तानी सेना के हस्तक्षेप का भी कड़ा जवाब दिया गया
भारत की चेतावनी: जरूरत पड़ी तो फिर दोहराएंगे करारा जवाब
एयरफोर्स चीफ ने अंत में यह संदेश भी दिया कि भारतीय वायुसेना हर चुनौती के लिए तैयार है और जब भी देश को जरूरत होगी, वह पूरी क्षमता से अपनी भूमिका निभाएगी। “हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। अगर दुश्मन दोबारा गलत कदम उठाएगा, तो उसे फिर उसी तरह जवाब मिलेगा, जैसा ऑपरेशन सिंदूर में मिला।”
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ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचायक बन गया है। भारतीय वायुसेना की सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर दुश्मन को उसकी ही भाषा में जवाब दिया जाएगा।









