गुजरात निकाय चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत पकड़ को उजागर कर दिया है। सभी 15 नगर निगमों के परिणाम सामने आ चुके हैं और पार्टी ने हर नगर निगम में जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप किया है। यह प्रदर्शन न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी उसके व्यापक जनाधार को दर्शाता है।
राज्य के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में बीजेपी ने 192 में से 158 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। यह नतीजा स्पष्ट करता है कि शहर की राजनीति में पार्टी का वर्चस्व बरकरार है। वहीं राजकोट में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 72 में से 65 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिलीं और आम आदमी पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी।
सूरत नगर निगम में भी बीजेपी ने अपनी मजबूत स्थिति को कायम रखते हुए 127 में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की। यहां आम आदमी पार्टी को सिर्फ 4 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस पांच साल बाद केवल एक सीट जीतने में सफल रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बीजेपी का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। 34 जिला पंचायतों की कुल 1,090 सीटों में से पार्टी ने 568 सीटें अपने नाम कीं। इसके मुकाबले कांग्रेस को 77 सीटें और अन्य दलों को 30 सीटें मिलीं। इसी तरह 260 तालुका पंचायतों की 5,234 सीटों में बीजेपी ने 2,397 सीटें जीतकर अपनी बढ़त बनाए रखी, जबकि कांग्रेस को 591 सीटें मिलीं।
इस जीत पर केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल ने खुशी जताते हुए इसे जनता के भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सूरत में लगभग तीन दशकों से पार्टी का शासन रहा है और इस बार भी मतदाताओं ने उसी विश्वास को दोहराया है।
राजकोट जिले की तालुका पंचायतों में भी बीजेपी ने दबदबा कायम रखा। धोराजी, गोंडल, जेतपुर समेत अधिकांश क्षेत्रों में पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि उपलेटा में मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। गोंडल में तो बीजेपी ने सभी 44 सीटों पर कब्जा कर विपक्ष का पूरी तरह सफाया कर दिया।
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कुल मिलाकर, इन चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गुजरात में बीजेपी की संगठनात्मक ताकत और जनसमर्थन अभी भी बेहद मजबूत है, जिससे आगामी चुनावों के लिए पार्टी का आत्मविश्वास और बढ़ गया है।









