वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का बजट शुक्रवार को सदन में पारित हो गया। इस बजट में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के कई अहम प्रस्तावों को शामिल किया गया है, जिन्हें पार्टी अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक सफलता के रूप में देख रही है। बजट में पार्षदों के भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी से लेकर स्वास्थ्य और सामाजिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
पार्षदों का बैठक भत्ता 300 से बढ़ाकर 3000 रुपये
आईवीपी के वरिष्ठ पार्षद मुकेश गोयल और हेमचंद गोयल ने जानकारी दी कि बजट में निगम पार्षदों को मिलने वाले बैठक भत्ते को 300 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति बैठक कर दिया गया है। यह फैसला पार्षदों की बढ़ती जिम्मेदारियों और कार्यभार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
इस बदलाव से पार्षदों को नीतिगत और क्षेत्रीय कार्यों में अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्व पार्षदों और आश्रितों को भी मिलेगी मुफ्त बुकिंग सुविधा
बजट में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। इसके तहत वर्तमान पार्षदों, पूर्व पार्षदों और उनके आश्रितों को एमसीडी के पार्कों और सामुदायिक भवनों की निःशुल्क बुकिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
यह सुविधा सामाजिक, पारिवारिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए राहतकारी मानी जा रही है, जिससे आयोजन खर्च में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा।
एमसीडी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा
बजट में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। इसके तहत पार्षदों, पूर्व पार्षदों और उनके परिवारजनों को एमसीडी के अस्पतालों और औषधालयों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कदम जनप्रतिनिधियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
19 अन्य प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति
आईवीपी द्वारा प्रस्तुत 19 अन्य प्रस्तावों को भी बजट में स्थान दिया गया है। इनमें मुकेश गोयल के 9, हेमचंद गोयल के 6, उषा शर्मा के 2 तथा राजेश कुमार लाड़ी और साहिब कुमार के एक-एक प्रस्ताव शामिल हैं।
इन प्रस्तावों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना बताया गया है।
आईवीपी का दावा: जमीनी मुद्दों पर फोकस
आईवीपी नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह दिल्लीवासियों की रोजमर्रा की जरूरतों और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करती है। बजट में शामिल प्रस्तावों को उन्होंने जनहित और विकास प्राथमिकताओं का परिणाम बताया है।
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दिल्ली नगर निगम का बजट 2026-27 कई अहम फैसलों के साथ पारित हुआ है। पार्षद भत्ता बढ़ाने, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और मुफ्त बुकिंग जैसी घोषणाएं आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन सकती हैं। अब देखना होगा कि इन प्रावधानों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है।









