हरियाणा के पलवल जिले से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान आलीमेव गांव निवासी 35 वर्षीय तौफीक के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर भारतीय सैन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था।
पाकिस्तान दौरे के बाद बढ़ा संदिग्ध संपर्क
पुलिस के अनुसार, तौफीक वर्ष 2022 में अपने रिश्तेदारों से मिलने के बहाने पाकिस्तान गया था। वहीं उसकी मुलाकात दिल्ली स्थित पाकिस्तान एम्बेसी में तैनात एक कर्मचारी से हुई। भारत लौटने के बाद भी तौफीक ने उक्त कर्मचारी से संपर्क बनाए रखा और दिल्ली में उससे मिलने भी गया।
वॉट्सऐप के जरिए जानकारी का आदान-प्रदान
जांच एजेंसियों का कहना है कि तौफीक ने बीएसएफ में तैनात एक कर्मचारी और पलवल के कुछ अन्य लोगों से जुड़ी जानकारी वॉट्सऐप के माध्यम से पाकिस्तान भेजी। उसके मोबाइल फोन से अब तक 12 पाकिस्तानी नंबरों का पता चला है, जिनसे वह वॉट्सऐप कॉल और चैट के ज़रिए लगातार संपर्क में था। पुलिस को उसके फोन से कई संदिग्ध चैट भी मिली हैं, हालांकि कुछ बातचीत उसने डिलीट भी कर दी थी।
लोगों को पाकिस्तान भेजने में भी भूमिका
सूत्रों की मानें तो तौफीक केवल जानकारी साझा करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह अन्य लोगों को भी पाकिस्तान भेजने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। वह स्थानीय युवकों को वीजा लगवाने और पाकिस्तान यात्रा के लिए प्रेरित करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कई लोगों को पाकिस्तान पहुंचाने में मदद की है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पलवल की सीआईए टीम ने शुक्रवार को हथीन रोड के पास से तौफीक को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता, देशद्रोह, और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले हरियाणा के नूंह जिले से भी तीन व्यक्तियों को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसियां सतर्क, जासूसी नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तौफीक से जुड़े हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि तौफीक सिर्फ एक मोहरा हो सकता है और इसके पीछे एक संगठित जासूसी नेटवर्क भी काम कर रहा हो।
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तौफीक की गिरफ्तारी एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि विदेशी खुफिया एजेंसियां भारत की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने के प्रयासों में जुटी हैं। इस घटना ने हरियाणा पुलिस और खुफिया एजेंसियों को एक बार फिर चौकन्ना कर दिया है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।









