• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, October 10, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

Explained: हीटवेव हॉटस्पॉट! देश की 40 फीसदी आबादी रहती है खुले में..ये 5 तरीके हो सकते हैं मददगार

Heatwave Alert! भारत में हीटवेव से बचने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लाखों लोग मौत, हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के खतरे में हैं।

Kiran rautela by Kiran rautela
23 May 2025
in भारत, स्वास्थ्य
0
India becomes a heatwave hotspot! Five things India needs to do to combat heatwave

India becomes a heatwave hotspot! Five things India needs to do to combat heatwave

Share on FacebookShare on Twitter

Heatwave Alert!: देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे हीटवेव (लू) एक बड़ी समस्या बन चुकी है। हीटवेव से बचने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लाखों लोग मौत, हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के खतरे में हैं। जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन, गर्मी को और अधिक गंभीर बना रहा है, ऐसे में भारत को तत्काल एक मजबूत, राष्ट्रव्यापी हीटवेव शमन ढांचे की स्थापना करनी होगी।

भारत एक हीटवेव हॉटस्पॉट बन चुका है

देश के 80% से अधिक हिस्सों में मार्च से जून के बीच अत्यधिक गर्मी पड़ती है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता है।
दिल्ली, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे शहरी केंद्र ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव से झुलसते हैं, जहाँ कंक्रीट की भरमार गर्मी को और ज्यादा बढ़ा देती है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों की अगर बात करें तो वहां भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं।

India becomes a heatwave hotspot! Five things India needs to do to combat heatwave
India becomes a heatwave hotspot! Five things India needs to do to combat heatwave

यह भी पढ़ें- गजब! अब आपके खर्चों का रिकॉर्ड रखेगा ये फ्री वाला AI App, भारतीय मूल के बच्चे ने किया कमाल

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक हीटवेव की घटनाएं 30% और बढ़ जाएंगी। जिससे बुजुर्ग, बच्चे और गरीब तबके सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

भारत की 40% से अधिक आबादी खुले में काम करने वाले लोगों की है, जैसे निर्माण मजदूर, किसान, ठेलेवाले, डिलीवरी पार्टनर और रिक्शा चालक।

2022 में हीटवेव के कारण भारत को लगभग 100 अरब डॉलर का उत्पादकता नुकसान हुआ। ILO के अनुसार, छोटे व्यापार और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था इस असर से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
कृषि उत्पादन गिरता है, और खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। बिजली की मांग बढ़ने से ब्लैकआउट होते हैं, जिससे अस्पताल, स्कूल और अन्य संस्थान प्रभावित होते हैं।

2024 में दिल्ली में हीटवेव के कारण एक ही सप्ताह में 200 से अधिक मौतें हुईं, और अस्पतालों व शवगृहों की हालत बुरी हो गई थी। ये घटनाएं प्रणालीगत लापरवाही का संकेत हैं।

India becomes a heatwave hotspot! Five things India needs to do to combat heatwave
India becomes a heatwave hotspot! Five things India needs to do to combat heatwave

ये 5 कदम उठाने जरूरी…

1- कूलिंग सेंटर्स (Cooling Centres)

हर शहर, कस्बे और ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे केंद्र बनाए जाएं जहां छांव, पानी, पंखे और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध हो।
अहमदाबाद के शीतलन केंद्रों ने 2023 की हीटवेव के दौरान कई लोगों की जान बचाई। अब इसे देशभर में लागू करने की ज़रूरत है।

2- गर्मी-सहिष्णु शहरी नियोजन

  • प्रतिबिंबित (reflective) छतें,
  • हरा-भरा सार्वजनिक स्थान,
  • और बेहतर वेंटिलेशन शहरों के तापमान को काफी हद तक घटा सकते हैं।

दिल्ली जैसे शहर, जहां पेड़ केवल 23% क्षेत्र में हैं, अभी भी वैश्विक मानकों से पीछे हैं।

3- सटीक और व्यापक अलर्ट प्रणाली

  • गुजरात और ओडिशा में चल रही हीट अलर्ट प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करना चाहिए।
  • स्थानीय भाषाओं में जन जागरूकता अभियान,
  • SMS और मोबाइल ऐप के ज़रिए गांवों तक अलर्ट पहुंचाना ज़रूरी है।

4- सस्ते कूलिंग सिस्टम

  • सब्सिडी वाले पंखे,
  • इवापोरेटिव कूलर,
  • या सामुदायिक कूलिंग स्टेशन गरीब तबकों के लिए राहत साबित हो सकते हैं।
  • 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 88% घरों में एयर कंडीशनिंग नहीं है।

5- स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारी

हीटवेव के समय के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी। पर्याप्त दवाइयां, ओआरएस, और IV फ्लूड्स की उपलब्धता और स्पष्ट चिकित्सा प्रोटोकॉल होने चाहिए।

Previous Post

यूपी पंचायत चुनाव: अनुप्रिया पटेल ने किया बड़ा एलान

Next Post

प्रयागराज: ग्राम पंचायतों में अब फेस स्कैनिंग से होगा भुगतान

Kiran rautela

Kiran rautela

Related Posts

Delhi Train Cancelled: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनें रद्द, राजधानी एक्सप्रेस भी प्रभावित - Panchayati Times
भारत

Delhi Train Cancelled: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनें रद्द, राजधानी एक्सप्रेस भी प्रभावित

9 October 2026
Delhi Metro: दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने की तैयारी, देखें पूरी लिस्ट - Panchayati Times
भारत

Delhi Metro: दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने की तैयारी, देखें पूरी लिस्ट

9 October 2026
PM Modi 25 Years: सार्वजनिक जीवन में मोदी के 25 साल पूरे, बोले- जनता ही मेरे लिए जनार्दन -Panchayati Times
भारत

PM Modi 25 Years: सार्वजनिक जीवन में मोदी के 25 साल पूरे, बोले- जनता ही मेरे लिए जनार्दन

7 October 2026
UP: राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट - Panchayati Times
भारत

UP: राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट

5 October 2026
हीरो पायलट स्मित मच्छार को करोड़ों का इनाम, 174 यात्रियों की बचाई थी जान - Panchayati Times
बिज़नेस

हीरो पायलट स्मित मच्छार को करोड़ों का इनाम, 174 यात्रियों की बचाई थी जान

5 October 2026
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब, ज्ञानेश कुमार को राहत - Panchayati Times
भारत

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब, ज्ञानेश कुमार को राहत 

5 October 2026
Next Post
प्रयागराज: ग्राम पंचायतों में अब फेस स्कैनिंग से होगा भुगतान - Panchayati Times

प्रयागराज: ग्राम पंचायतों में अब फेस स्कैनिंग से होगा भुगतान

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (232)
  • खेल (590)
  • जुर्म (345)
  • दुनिया (357)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (140)
  • पंचायत (325)
  • बिज़नेस (298)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,832)
  • मनोरंजन (318)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,151)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (204)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, जेवर एयरपोर्ट का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखा गया - Panchayati Times

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, जेवर एयरपोर्ट का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखा गया

9 October 2026
Delhi Train Cancelled: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनें रद्द, राजधानी एक्सप्रेस भी प्रभावित - Panchayati Times

Delhi Train Cancelled: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनें रद्द, राजधानी एक्सप्रेस भी प्रभावित

9 October 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved