अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में कथित हवाई हमले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस घटना को लेकर इंडिया ने इसे बेहद चिंताजनक और निंदनीय बताया है।
अस्पताल पर हमले की निंदा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिस स्थान को निशाना बनाया गया, वह एक उपचार केंद्र था, जहां नशा मुक्ति का इलाज किया जाता था। ऐसे गैर-सैन्य संस्थान पर हमला किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। मंत्रालय ने इसे निर्दोष नागरिकों के खिलाफ क्रूर कार्रवाई बताया।
पाकिस्तान पर गंभीर आरोप
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह इस हमले को सैन्य कार्रवाई के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। भारतीय पक्ष का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक है।
अफगानिस्तान की संप्रभुता पर सवाल
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है। भारत के अनुसार, यह कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने वाला भी है।
पुरानी नीति पर उठाए सवाल
भारत ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान अक्सर अपने आंतरिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयों का सहारा लेता है। यह घटना उसी पैटर्न का हिस्सा प्रतीत होती है।
रमजान के दौरान हमले पर चिंता
भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह हमला पवित्र महीने रमजान के दौरान हुआ, जो शांति और करुणा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे समय में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना और भी अधिक निंदनीय है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
भारत ने वैश्विक समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को तुरंत रोकने पर भी जोर दिया गया है।
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पीड़ितों के प्रति संवेदना
भारत ने हमले में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए उसकी संप्रभुता और अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।









