भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा का दम दिखाते हुए व्यापारी जहाज पर हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया। बुधवार को सोमाली समुद्री लुटेरों ने एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंद की त्वरित कार्रवाई से लुटेरों को भागना पड़ा।
बताया जा रहा है कि जहाज भारत के लिए जरूरी सामान लेकर जा रहा था और उस पर एक भारतीय क्रू सदस्य भी मौजूद था।
समुद्री लुटेरों ने व्यापारी जहाज को बनाया निशाना
रिपोर्ट के अनुसार समुद्री लुटेरों ने “एमवी गोल्डन आर्सेनल” नामक व्यापारी जहाज पर चढ़ने की कोशिश की। खतरा महसूस होते ही जहाज के चालक दल ने तुरंत एंटी-पाइरेसी प्रोटोकॉल लागू कर दिया और खुद को सुरक्षित हिस्से में बंद कर लिया।
इसके बाद जहाज से मदद के लिए आपात संदेश भेजा गया, जिसका जवाब भारतीय नौसेना ने तुरंत दिया।
आईएनएस त्रिकंद की त्वरित कार्रवाई
अदन की खाड़ी में पहले से तैनात आईएनएस त्रिकंद को जैसे ही संकट की सूचना मिली, युद्धपोत तेजी से जहाज की ओर बढ़ा। भारतीय नौसेना के युद्धपोत को अपनी ओर आते देखकर समुद्री लुटेरे जहाज पर कब्जा करने से पहले ही मौके से फरार हो गए। नौसेना की इस त्वरित प्रतिक्रिया को समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मार्कोस कमांडो ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो, जिन्हें मार्कोस के नाम से जाना जाता है, व्यापारी जहाज पर पहुंचे और पूरे जहाज की जांच की।
जांच के बाद:
- जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया गया
- चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित पाए गए
- किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली
- जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा
नौसेना ने सुनिश्चित किया कि जहाज पर किसी प्रकार का खतरा शेष न हो।
क्यों महत्वपूर्ण है अदन की खाड़ी?
अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह इलाका अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र के करीब स्थित है, जहां लंबे समय से समुद्री लुटेरों की गतिविधियां चिंता का विषय रही हैं।
इसी वजह से कई देशों की नौसेनाएं यहां नियमित गश्त करती हैं।
भारतीय नौसेना लगातार रख रही नजर
भारतीय नौसेना पिछले कई वर्षों से अरब सागर और अदन की खाड़ी में सक्रिय रूप से तैनात है। व्यापारिक जहाजों और भारतीय हितों की सुरक्षा के लिए यहां आधुनिक युद्धपोत और निगरानी तंत्र लगाए गए हैं।
पिछले दो वर्षों में भारतीय नौसेना ने:
- कई एंटी-पाइरेसी ऑपरेशन चलाए
- समुद्री लुटेरों के हमले विफल किए
- कई जहाजों और चालक दल को सुरक्षित बचाया
है।
वैश्विक समुद्री सुरक्षा में बढ़ रही भारत की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री मौजूदगी वैश्विक व्यापारिक सुरक्षा के लिए अहम बनती जा रही है।
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भारतीय नौसेना की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।








