Modi Cabinet Decisions: केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों और दिव्यांगजनों को लेकर कई अहम फैसलों की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) देने, सामाजिक सुरक्षा के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान करने और दिव्यांगता पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना है।
रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे के लगभग 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिनों के बराबर परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस दिया जाएगा। इसके लिए सरकार करीब 2,009 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
यह बोनस दिवाली से पहले कर्मचारियों को देने की योजना है। सरकार ने इसे रेलवे कर्मचारियों की मेहनत और योगदान के प्रति सम्मान के रूप में पेश किया है। त्योहारों के दौरान भी रेलवे कर्मचारी ट्रेनों के संचालन, पटरियों के रखरखाव और वर्कशॉप में अपनी सेवाएं देते हैं।
इस बोनस से बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारियों को त्योहार के समय अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
सामाजिक सुरक्षा के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान
कैबिनेट के एक अन्य फैसले के तहत सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री के बयान के अनुसार, इस व्यवस्था का विस्तार वर्ष 2031 तक करने की योजना है।
सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य पात्र लोगों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इस फैसले के तहत किस योजना में कितनी राशि खर्च होगी और किन लाभार्थियों को इसका फायदा मिलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।
दिव्यांगता पेंशन के लिए पात्रता सीमा 80% से घटाकर 40% करने का फैसला
सरकार ने दिव्यांगता पेंशन के नियमों में बदलाव की भी घोषणा की है। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, पहले संबंधित पेंशन के लिए कम से कम 80 प्रतिशत दिव्यांगता की सीमा थी, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत करने का फैसला लिया गया है।
इस बदलाव से निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले अधिक दिव्यांगजनों को पेंशन के दायरे में लाने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, वास्तविक पात्रता लागू नियमों और योजना की शर्तों के आधार पर तय होगी।
जन्म से दिव्यांग व्यक्तियों को भी मिलेगा कवरेज
मंत्री के अनुसार, दिव्यांगजनों को जन्म से ही पेंशन योजना के तहत कवर करने का भी फैसला लिया गया है। पहले इस संबंध में 18 वर्ष की उम्र से लाभ दिए जाने की बात कही गई थी।
इन बदलावों का उद्देश्य पेंशन की पात्रता का दायरा बढ़ाना और अधिक जरूरतमंद लोगों तक सामाजिक सुरक्षा पहुंचाना है। योजना के क्रियान्वयन, आवश्यक दस्तावेजों और भुगतान की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार देखी जानी चाहिए।
MSME और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए IDBI बैंक पर फैसला
कैबिनेट ब्रीफिंग में IDBI बैंक से जुड़े रणनीतिक पुनर्गठन के फैसले का भी उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने और देश में कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़ा है।
छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) तथा नए कारोबारों के लिए वित्त की उपलब्धता आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार ने कहा कि भारत की विकास जरूरतों को देखते हुए आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर पूंजी की आवश्यकता होगी।
हालांकि, IDBI बैंक के पुनर्गठन से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया और इसके संभावित प्रभावों की जानकारी आधिकारिक घोषणा के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
कैबिनेट के फैसलों का क्या होगा असर?
केंद्रीय मंत्रिमंडल के इन फैसलों में रेलवे कर्मचारियों के बोनस, दिव्यांगजनों की पेंशन पात्रता और सामाजिक सुरक्षा के लिए वित्तीय प्रावधान जैसे मुद्दे शामिल हैं। रेलवे बोनस से कर्मचारियों को त्योहार से पहले अतिरिक्त राशि मिलने की उम्मीद है, जबकि दिव्यांगता पेंशन के नियमों में बदलाव से पात्र लाभार्थियों का दायरा बढ़ सकता है।
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इन योजनाओं का वास्तविक लाभ संबंधित नियमों, पात्रता और लागू होने की समय-सीमा पर निर्भर करेगा। इसलिए लाभार्थियों को अंतिम शर्तों और प्रक्रिया के लिए आधिकारिक सरकारी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।









