प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित एनडीए की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का शॉल पहनाकर सम्मान किया और सांसदों से उनका परिचय कराया। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से अपील की कि वे राधाकृष्णन को सर्वसम्मति से समर्थन दें।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने भारत के हिस्से का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बिना कैबिनेट की मंजूरी और संसद को जानकारी दिए पाकिस्तान को 86 करोड़ रुपये भेज दिए थे। पीएम मोदी ने कहा कि अब सरकार के निर्णयों से जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों को जल संकट से राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि करीब 18 वर्षों के बाद अमेरिका की रेटिंग एजेंसी S&P ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है, जो देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है।
बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को जानकारी दी कि सभी एनडीए घटक दलों ने सीपी राधाकृष्णन का गर्मजोशी से स्वागत किया और प्रधानमंत्री का आभार जताया कि उन्होंने एक साफ-सुथरी छवि वाले, विवादों से दूर रहने वाले और सरल व्यक्तित्व वाले व्यक्ति को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया।
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रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों से भी आग्रह किया है कि वे देशहित में इस चुनाव में सर्वसम्मति से समर्थन दें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिले।









