आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। मंगलवार को विपक्षी INDIA गठबंधन ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया। अब उनका सीधा मुकाबला एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा।
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने बताया कि इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों की सहमति से सुदर्शन रेड्डी के नाम पर मुहर लगी है। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “बी. सुदर्शन रेड्डी देश के प्रमुख न्यायविदों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यायिक क्षेत्र में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर काम किया।”
कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के एक किसान परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हैदराबाद में प्राप्त की और फिर उस्मानिया विश्वविद्यालय से 1971 में कानून की डिग्री हासिल की। न्यायिक सेवा में आने के बाद वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जज बने, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे और बाद में सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति के पद पर भी नियुक्त हुए। न्यायपालिका से सेवानिवृत्ति के बाद वे गोवा के पहले लोकायुक्त भी रहे।

मुकाबला दक्षिण भारत के दो चेहरों के बीच
इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में दिलचस्प बात यह है कि दोनों प्रमुख गठबंधन — एनडीए और इंडिया — ने दक्षिण भारत से उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। एनडीए प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के तिरुप्पुर से हैं, जबकि इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश से आते हैं।
सीपी राधाकृष्णन पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, जो संगठनात्मक रूप से मजबूत और साफ-सुथरी छवि वाले नेता माने जाते हैं।
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अब देखना होगा कि संसद में इस मुकाबले में बहुमत किस ओर जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस चुनाव पर टिकी हैं, क्योंकि यह दोनों गठबंधनों के बीच न सिर्फ शक्ति प्रदर्शन का अवसर है, बल्कि आने वाले समय में संसद की कार्यप्रणाली पर भी इसका असर पड़ सकता है।









