प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘हमारी सेनाओं द्वारा उपयोग किए जा रहे ‘मेड इन इंडिया’ उपकरण और ऑपरेशन सिंदूर आज दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर होने वाली चर्चा हमारे सशस्त्र बलों का हौसला बढ़ाएगी। ऐसी चर्चा से आत्मनिर्भर भारत के तहत बने स्वदेशी उपकरणों को अधिक अवसर मिलेंगे।
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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत लंबे समय से आतंकवाद और नक्सलवाद का शिकार रहा है। लेकिन आज नक्सलवाद का क्षेत्र सिमट रहा है। हमारी सुरक्षा बल उन्हें समाप्त कर रहे हैं। आज कई जिले नक्सलवाद से मुक्त हो चुके हैं।’
आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ’10 साल पहले, 2014 से पहले भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 10वें स्थान पर थी। आज भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से तीसरे स्थान के करीब पहुंच रही है। पहले महंगाई दर दो अंकों में होती थी, आज यह लगभग दो प्रतिशत के आसपास है।’
डिजिटल इंडिया के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज डिजिटल इंडिया दुनिया को राह दिखा रहा है। यूपीआई ने फिनटेक की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।’
स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धि पर उन्होंने कहा, ‘डब्ल्यूएचओ (WHO) ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त राष्ट्र घोषित किया है।’
(ट्रेकोमा आंखों की एक संक्रामक बीमारी है, जो क्लैमाइडिया ट्रेकोमैटिस बैक्टीरिया के कारण होती है। WHO के अनुसार, यह 32 देशों में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है और लगभग 19 लाख लोगों की अंधता या दृष्टि बाधित होने के लिए जिम्मेदार है।)
पहल्गाम आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘इस हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। हमारे सांसदों ने सभी दलों से एकजुट होकर दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब किया।’
बता दें कि, इस सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने मांग की थी, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जवाब दें, साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के दावों पर भी स्पष्टीकरण दें। विपक्ष ने बिहार में चल रहे विशेष तीव्र पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान पर भी चर्चा की मांग की।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसद में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसका अंतिम निर्णय लोकसभा और राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटियों द्वारा लिया जाएगा। इस मानसून सत्र के दौरान संसद की कुल 21 बैठकें होंगी।









