Rafale Deal 2026: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे से ठीक पहले भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 मेक इन इंडिया राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की यह डील दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा सौदों में से एक मानी जा रही है।
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की अहम बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। अब यह मामला आगे वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास जाएगा।
114 राफेल से बनेंगी 5-6 नई स्क्वाड्रन
भारतीय वायुसेना की मौजूदा घटती स्क्वाड्रन ताकत को देखते हुए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। 114 राफेल लड़ाकू विमानों से वायुसेना की लगभग 5 से 6 नई स्क्वाड्रन तैयार की जा सकती हैं। एक स्क्वाड्रन में आमतौर पर 18 से 20 फाइटर जेट शामिल होते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन 114 विमानों में से करीब 16 सीधे फ्रांस से खरीदे जा सकते हैं, जबकि बाकी भारत में ही बनाए जाएंगे।
मेक इन इंडिया के तहत भारत में निर्माण
यह सौदा गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट (G2G) मॉडल के तहत होने की संभावना है। करार के बाद फ्रांसीसी कंपनी दासो एविएशन भारत में किसी भारतीय साझेदार कंपनी के साथ मिलकर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी।
बताया जा रहा है कि भारत में बनने वाले राफेल विमानों में लगभग 60 प्रतिशत तक स्वदेशी उपकरण और हथियार शामिल किए जा सकते हैं। इससे न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी, बल्कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
पहले भी हो चुके हैं राफेल सौदे
- 2016 में भारत ने 36 राफेल फाइटर जेट करीब 59 हजार करोड़ रुपये में खरीदे थे।
- 2025 में नौसेना के लिए 26 राफेल (मरीन वर्जन) विमानों का सौदा लगभग 63 हजार करोड़ रुपये में हुआ था।
नौसेना के लिए खरीदे गए राफेल (M) विमानों को स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में राफेल की भूमिका
हालिया सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान राफेल फाइटर जेट की क्षमताओं ने वायुसेना का भरोसा और मजबूत किया। एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी राफेल को इस अभियान का अहम हथियार बताया है।
फिलहाल वायुसेना के पास मौजूद 36 राफेल विमान मेटियोर, मीका और स्कैल्प जैसी उन्नत मिसाइलों से लैस हैं। नए मेक इन इंडिया राफेल विमानों में भारतीय निर्मित मिसाइलें भी शामिल की जा सकती हैं।
MRFA प्रोजेक्ट पर असर
अगर 114 राफेल परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो वायुसेना का पुराना MRFA (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में जा सकता है। MRFA के तहत भी 114 विमानों का प्रस्ताव था, लेकिन उसमें वैश्विक कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धी टेंडर प्रक्रिया शामिल थी। नई डील सीधे भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच होगी।
भारत-फ्रांस रक्षा संबंध होंगे और मजबूत
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की आगामी भारत यात्रा से पहले इस डील को मंजूरी मिलना दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। यह समझौता न केवल वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि भारत को रक्षा उत्पादन में वैश्विक हब बनाने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें: किसान और ट्रेड यूनियनों ने किया भारत बंद का आह्वान
अब सभी की नजर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की अंतिम मंजूरी पर टिकी है, जिसके बाद यह ऐतिहासिक रक्षा सौदा औपचारिक रूप ले सकता है।









