Rahul Gandhi slams ECI: इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच इन दिनों वाद-प्रतिवाद का दौर चल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को बेंगलुरु में एक रैली के दौरान एक बार फिर वोट चोरी का आरोप दोहराया और चुनाव आयोग से पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची की मांग की।
बेंगलुरु में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मैंने संसद के अंदर और संविधान पर शपथ ली है, लेकिन चुनाव आयोग मुझसे वोट चोरी पर शपथ लेने को कह रहा है।’
उनका यह बयान तब आया जब कम से कम तीन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) ने उनसे उन मतदाताओं के नाम मांगे, जिन्हें उन्होंने गलत तरीके से वोटर लिस्ट में शामिल या बाहर किया गया बताया था। चुनाव आयोग ने एक हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र भी मांगा है ताकि आवश्यक कार्यवाही शुरू की जा सके।
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राहुल गांधी द्वारा वोटिंग में धोखाधड़ी के आरोप लगाने के तुरंत बाद कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें पत्र लिखकर कहा कि, ‘आपने राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि निर्वाचक नामावली में अयोग्य मतदाताओं को शामिल किया गया और योग्य मतदाताओं को बाहर कर दिया गया है।
आपसे अनुरोध है कि रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के नियम 20(3)(b) के तहत enclosed शपथ/घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कर इसे वापस भेजें और ऐसे मतदाताओं के नाम दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके।’
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी चुनाव आयोग की आलोचना की, जिसमें अधिकारियों ने राहुल गांधी से अपनी धांधली की बातों को लेकर हलफनामा मांगा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ‘इसे समझिए, जिस कानून के तहत वे हलफनामा मांग रहे हैं, उसमें आपको 30 दिनों के भीतर याचिका दाखिल करनी होती है, वरना कुछ नहीं होता।’









