मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। हाल ही में सामने आए राजा रघुवंशी हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मेघालय में हनीमून पर गए राजा की हत्या उसी की पत्नी सोनम रघुवंशी ने करवाई थी। इस जघन्य हत्याकांड में सोनम ने अपने पति की हत्या की सुपारी दी थी, जिसके लिए तीन लोगों को हायर किया गया।
राजा रघुवंशी और सोनम की शादी हाल ही में हुई थी और वे हनीमून के लिए मेघालय गए थे। दोनों की अचानक लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाने पर परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई। छानबीन के बाद राजा रघुवंशी का शव एक खाई से बरामद हुआ। इस घटना के बाद से लापता सोनम को गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस केस में तीन अन्य लोगों को भी पकड़ा है, जो राजा की हत्या में शामिल थे।
कौन पाएगा कड़ी सजा? सुपारी देने वाला या हत्या करने वाला?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अधिक सजा किसे मिलेगी — हत्या करने वालों को या हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी को?
हत्या करने वालों के लिए सजा
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103 के अंतर्गत हत्या एक गंभीर अपराध है। इसके तहत हत्या के लिए दो सजा निर्धारित हैं — मृत्युदंड या आजीवन कारावास। साथ ही अदालत अपराध की गंभीरता को देखते हुए जुर्माना भी लगा सकती है। यदि हत्या सामूहिक रूप से (पांच या उससे अधिक लोगों द्वारा) या जाति, धर्म, नस्ल या लिंग के आधार पर की गई हो, तो सजा में और भी कड़ाई लाई जा सकती है।
सुपारी देने वालों के लिए सजा
राजा की पत्नी सोनम ने हत्या की साजिश रची और सुपारी दी। इसके लिए उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत आपराधिक षड्यंत्र का दोषी माना जाएगा। यदि षड्यंत्र के तहत हत्या की जाती है, तो षड्यंत्र रचने वाला व्यक्ति भी हत्या के बराबर ही दोषी माना जाएगा।
इसका अर्थ यह है कि सोनम को भी वही सजा मिल सकती है जो हत्यारों को मिलेगी — मृत्युदंड या आजीवन कारावास। इसके साथ ही उस पर धारा 103 भी लागू की जा सकती है, क्योंकि हत्या उसके निर्देश पर और उसकी योजना के अनुसार हुई।
समाज और कानून के लिए एक चेतावनी
इस तरह के मामले सिर्फ अपराध नहीं बल्कि समाज में रिश्तों में बढ़ती दरार और नैतिक पतन को भी उजागर करते हैं। विवाह जैसा पवित्र बंधन अगर लालच, स्वार्थ या बदले की भावना का शिकार हो जाए तो उसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं। कानून इन मामलों में सख्त है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की रहम की गुंजाइश नहीं रहती।
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पुलिस इस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। आने वाले दिनों में अदालत इस केस में क्या फैसला सुनाती है, इस पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।










